लोरमी। छत्तीसगढ़ के लोरमी क्षेत्र में वन विभाग की टीम पर अवैध रेत खनन रोकने के दौरान प्राणघातक हमला होने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, 10 अप्रैल की रात लगभग 9:30 बजे, खुड़िया वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम झिरिया के भुकूनाला में अवैध रेत उत्खनन की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम में वनरक्षक निलेश सोनकर, योगेश बरेठ, अभिषेक बर्मन सहित 6 कर्मचारी शामिल थे।
मौके पर एक आयसर ट्रैक्टर (CG 28 05326) सहित रेत से भरे वाहन पाए गए। जांच के दौरान वन क्षेत्र में 5 अन्य संदिग्ध वाहन भी मिले। टीम ने कार्रवाई करते हुए 2 वाहनों को जब्त किया, जबकि अन्य चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
ऐसे हुआ हमला
जब वनकर्मी जब्त वाहनों को मुख्य मार्ग तक ला रहे थे, तभी रात करीब 11:20 बजे ग्राम झिरिया के कुछ लोगों ने अचानक समूह में हमला कर दिया। इस हमले में वनरक्षक निलेश सोनकर, योगेश बरेठ, अभिषेक बर्मन गंभीर रूप से घायल हो गए। अभिषेक बर्मन को सिर और कंधे में गंभीर चोट आने पर बिलासपुर रेफर किया गया, जबकि अन्य का प्राथमिक उपचार किया गया।
ग्रामीणों ने बचाई जान
हमले के दौरान स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई थी, लेकिन सरगढ़ी के सरपंच चंदर तिलगाम और पूर्व सरपंच नरेश तिलगाम ने बीच-बचाव कर वनकर्मियों को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला।
पुलिस कार्रवाई
प्रार्थी वनरक्षक निलेश सोनकर की रिपोर्ट पर पुलिस ने राजकुमार यादव राजेश यादव निवासी ग्राम झिरिया के खिलाफ विभिन्न धाराओं (296, 115(2), 351(3) आदि BNS) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
अधिकारियों का बयान
वन परिक्षेत्र अधिकारी रविंद्र धिरही ने बताया कि घायलों का उपचार कराया गया है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। वहीं एसडीओ दशांश सूर्यवंशी ने कहा कि अवैध रेत माफियाओं के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में इस घटना के बाद हड़कंप मचा हुआ है, वहीं वन विभाग और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।