छत्तीसगढ़ के Bijapur जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। भैरमगढ़ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की को घुमाने के बहाने घर से बाहर बुलाकर उसके साथ पांच युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। इस जघन्य अपराध में एक नाबालिग आरोपी भी शामिल है।
पुलिस के मुताबिक, 11 अप्रैल 2026 की रात पीड़िता को उसका परिचित नाबालिग लड़का बहला-फुसलाकर घर से बाहर ले गया। भरोसे का फायदा उठाते हुए वह उसे सुनसान जंगल में ले गया, जहां पहले उसने खुद दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने अपने चार अन्य साथियों को बुलाया, जिन्होंने भी बारी-बारी से इस अपराध को अंजाम दिया।
घटना के बाद पीड़िता किसी तरह घर पहुंची और परिजनों को पूरी आपबीती बताई। अगले दिन 12 अप्रैल को वह परिवार के साथ थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू की और कार्रवाई में तेजी दिखाई।
इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों—अंकित परबुलिया, लक्ष्मीनाथ लेकाम, सुनील परबुलिया और जातवेद मोड़ियाम—को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग आरोपी को हिरासत में लेकर किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है।
घटना के तुरंत बाद पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
Jitendra Yadav (एसपी) ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ POCSO Act सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। सभी को जल्द ही न्यायिक रिमांड पर भेजा जाएगा, जबकि नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई की जा रही है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए हर जरूरी सबूत जुटाए जा रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। ऐसे मामलों में त्वरित न्याय और कड़ी सजा ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने का एकमात्र रास्ता बन सकता है।