सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र ने उद्योग–अकादमिक समन्वय को सुदृढ़ करने तथा युवाओं की व्यावसायिक दक्षता को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मानव संसाधन– ज्ञानार्जन एवं विकास (एचआर- एल एंड डी) केन्द्र में व्यावसायिक प्रशिक्षुओं (वोकेशनल ट्रेनीस) के लिए औद्योगिक उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। यह कार्यक्रम कक्षा आधारित शिक्षा एवं वास्तविक औद्योगिक कार्यप्रणाली के बीच की दूरी को कम करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एक संरचित एवं समग्र उन्मुखीकरण मॉड्यूल के रूप में तैयार किया गया है, जिसके अंतर्गत प्रतिभागियों को एकीकृत इस्पात संयंत्र की सुरक्षा प्रणाली एवं परिचालन तंत्र की व्यापक जानकारी प्रदान की जा रही है। कार्यक्रम में गैस सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा एवं रेल आवागमन से संबंधित सुरक्षा उपायों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। साथ ही, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) के सही उपयोग पर विशेष बल देते हुए ‘शून्य-हानि’ (जीरो हार्म) कार्य संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। विशेषज्ञों द्वारा संचालित सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को संयंत्र की जटिल एवं विस्तृत कार्यप्रणाली की समग्र समझ भी प्रदान की जा रही है।
वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन– ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग ने देश के 187 प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों के साथ सहयोग स्थापित किया है, जिनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी) तथा रुंगटा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हैं। यह सहयोग उद्योग एवं शिक्षा जगत के बीच प्रभावी समन्वय का सशक्त उदाहरण है।
संयंत्र की प्रशिक्षण पहलों की व्यापकता एवं प्रभावशीलता का अनुमान इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि गत वित्तीय वर्ष में 1,412 से अधिक प्रशिक्षुओं को सफलतापूर्वक कौशल उन्नयन प्रदान किया गया। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए वित्तीय वर्ष 2026–27 में भी अधिक से अधिक संख्या में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।