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अधूरी फिटनेस के बावजूद ‘किंग’ का कमाल—कोहली ने 49 रन से दिलाई RCB को जीत

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आईपीएल 2026 में Virat Kohli ने एक बार फिर दिखा दिया कि मुश्किल हालात में भी वह टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी क्यों माने जाते हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और Lucknow Super Giants के बीच खेले गए मुकाबले में कोहली ने बतौर इम्पैक्ट प्लेयर उतरकर 34 गेंदों में 49 रन की अहम पारी खेली और टीम को 5 विकेट से जीत दिला दी।

बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए इस मैच की खास बात यह रही कि अपने करियर में पहली बार कोहली को इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में इस्तेमाल किया गया। लेकिन भूमिका चाहे जो भी रही हो, उनका प्रभाव वैसा ही रहा—मैच जिताने वाला।

मैच के बाद कोहली ने खुद स्वीकार किया कि वह पूरी तरह फिट नहीं हैं। उन्होंने बताया कि पिछले मैच के दौरान उनके घुटने में दर्द हुआ था और पिछले कुछ दिनों से तबीयत भी ठीक नहीं चल रही थी। इसके बावजूद उन्होंने मैदान पर उतरकर टीम के लिए योगदान दिया। उनका कहना था कि वह अब बेहतर महसूस कर रहे हैं, लेकिन अभी 100% फिटनेस हासिल नहीं हुई है।

पारी की शुरुआत में कोहली पूरी तरह आक्रामक नजर आए। उन्होंने सिर्फ 14 गेंदों में 34 रन बनाकर मैच की दिशा तय कर दी। हालांकि जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, पिच धीमी होती गई और रन बनाना थोड़ा मुश्किल हो गया। खुद कोहली ने भी माना कि गर्मी और सूखे मौसम के कारण पिच ने अपना मिजाज बदल लिया था, इसलिए टीम की रणनीति थी कि पावरप्ले में ही ज्यादा से ज्यादा रन बटोरे जाएं।

इस पारी के साथ कोहली ने टूर्नामेंट में अपनी बादशाहत भी कायम कर ली है। वह अब 228 रन के साथ ऑरेंज कैप होल्डर बन चुके हैं, जो उनकी लगातार बेहतरीन फॉर्म का सबूत है।

टीम के कप्तान Rajat Patidar ने भी शानदार योगदान दिया। उन्होंने तेजी से 27 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। कोहली ने मजाकिया अंदाज में उनकी तारीफ करते हुए कहा कि पाटीदार पिच को नहीं, बल्कि गेंदबाजों को पढ़ते हैं।

इसके अलावा कोहली ने टीम की बल्लेबाजी गहराई की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि Phil Salt, Romario Shepherd और Tim David जैसे पावर हिटर्स टीम में होने से बाकी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने की आजादी मिलती है।

आखिर में कोहली ने साफ किया कि टी20 क्रिकेट भले ही तेजी से बदल रहा हो, लेकिन स्मार्ट और परिस्थितियों के अनुसार खेलना आज भी सबसे जरूरी है। उनका मानना है कि टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में दबाव और बढ़ेगा, और वही टीम आगे जाएगी जो हालात के हिसाब से खुद को ढाल सके।

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