YouTube ने यूजर्स की आदतों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा बदलाव किया है, जो डिजिटल लाइफस्टाइल पर सीधा असर डाल सकता है। अब यूजर्स ‘Shorts’ फीचर को पूरी तरह बंद कर सकते हैं। कंपनी ने अपने टाइम मैनेजमेंट टूल में नया ‘0 मिनट’ ऑप्शन जोड़ दिया है, जिससे शॉर्ट्स फीड पूरी तरह गायब हो जाएगी।
इस अपडेट का मकसद सिर्फ एक फीचर देना नहीं, बल्कि बढ़ती डूमस्क्रॉलिंग और शॉर्ट वीडियो की लत को कंट्रोल करना है। खासकर भारत जैसे देश में, जहां करोड़ों लोग रोजाना घंटों शॉर्ट्स देखते हैं, यह बदलाव काफी असरदार साबित हो सकता है।
पहले जहां इस फीचर में न्यूनतम लिमिट 15 मिनट थी, वहीं अब ‘0 मिनट’ सेट करते ही शॉर्ट्स टैब खाली नजर आएगा। वहां सिर्फ एक नोटिफिकेशन दिखेगा कि आपकी तय सीमा पूरी हो चुकी है। इतना ही नहीं, होम स्क्रीन से भी शॉर्ट्स के सुझाव पूरी तरह हट जाएंगे, जिससे यूजर का ध्यान सिर्फ जरूरी कंटेंट पर रहेगा।
कंपनी की ओर से बताया गया है कि यह फीचर पहले पैरेंटल कंट्रोल के तहत लाया गया था, ताकि माता-पिता बच्चों के स्क्रीन टाइम को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकें। अब इसे धीरे-धीरे सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस फीचर के कई फायदे हैं। सबसे बड़ा फायदा यह है कि यूजर अनावश्यक स्क्रॉलिंग से बच पाएंगे और अपना समय बेहतर तरीके से उपयोग कर सकेंगे। स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए यह खासतौर पर मददगार होगा, क्योंकि अब उनका फोकस शॉर्ट वीडियो की बजाय जरूरी कंटेंट पर रहेगा। वहीं माता-पिता भी बच्चों के मोबाइल से शॉर्ट्स पूरी तरह हटाकर उन्हें सीमित और सुरक्षित कंटेंट दिखा सकेंगे।
डूमस्क्रॉलिंग, यानी लगातार छोटे वीडियो देखते रहने की आदत, आजकल एक बड़ी समस्या बन चुकी है। इससे समय की बर्बादी के साथ-साथ मानसिक थकान और नींद की समस्या भी बढ़ती है। ऐसे में YouTube का यह कदम डिजिटल वेलबीइंग की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
अगर आप भी इस फीचर को ऑन करना चाहते हैं, तो बस YouTube की सेटिंग्स में जाकर टाइम मैनेजमेंट विकल्प चुनें, फिर ‘Shorts Feed Limit’ को एक्टिव करें और समय सीमा में ‘0 मिनट’ सेट कर दें।
कुल मिलाकर, यह अपडेट उन यूजर्स के लिए राहत भरा है जो बार-बार शॉर्ट्स में फंस जाते हैं और अपने समय पर कंट्रोल पाना चाहते हैं। अब फैसला आपके हाथ में है—मनोरंजन या नियंत्रण।