रायपुर में 16वीं राष्ट्रीय जनगणना को लेकर एक अहम पहल की गई, जहां विष्णु देव साय और डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री निवास से ‘ऑनलाइन स्व-गणना’ चरण का संयुक्त शुभारंभ किया। यह पहल देशभर में शुरू किए गए डिजिटल जनगणना अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है।
इस दौरान दोनों नेताओं ने खुद केंद्रीय पोर्टल पर अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर आम नागरिकों को भी इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनगणना 2027 केवल आबादी गिनने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की मजबूत नींव है। उन्होंने प्रदेशवासियों से 16 से 30 अप्रैल के बीच इस डिजिटल अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
डिजिटल स्व-गणना की इस नई व्यवस्था के तहत अब लोग अपने मोबाइल नंबर के जरिए लॉगिन कर 33 सवालों वाली विस्तृत प्रश्नावली भर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक 11 अंकों की यूनिक आईडी जनरेट होती है, जिसे बाद में सत्यापन के लिए आने वाले प्रगणक को दिखाना अनिवार्य होगा। इससे डेटा की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।
यह डिजिटल मॉडल न सिर्फ कागज रहित व्यवस्था को बढ़ावा देगा, बल्कि इससे सरकार को हर घर की वास्तविक जरूरतों का सही आंकलन करने में मदद मिलेगी। इसके आधार पर संसाधनों का बेहतर वितरण और नीतियों की प्रभावी योजना तैयार की जा सकेगी।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ से शुरू हुआ यह डिजिटल कदम देश में जनगणना की प्रक्रिया को आधुनिक और ज्यादा विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।