Google ने 2025 में ऑनलाइन फ्रॉड और भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए भारत में 48.37 करोड़ से ज्यादा नियम तोड़ने वाले विज्ञापनों को हटा दिया या ब्लॉक कर दिया। साथ ही कंपनी ने 17 लाख एडवरटाइजर अकाउंट्स को भी सस्पेंड किया, जो नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।
यह जानकारी कंपनी की 2025 एड्स सेफ्टी रिपोर्ट में सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि यह कार्रवाई सिर्फ भारत तक सीमित नहीं थी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी बड़े पैमाने पर हुई। दुनिया भर में 830 करोड़ से ज्यादा खराब विज्ञापनों को हटाया गया और 2.49 करोड़ अकाउंट्स पर कार्रवाई की गई।
इस पूरे ऑपरेशन में सबसे बड़ा रोल Gemini AI ने निभाया। गूगल के अनुसार, जेमिनी के इस्तेमाल से अब सिस्टम सिर्फ कीवर्ड्स नहीं बल्कि विज्ञापन के पीछे की मंशा यानी ‘इरादा’ भी समझने लगा है। इससे फर्जी और धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों को पहले ही पहचानकर रोकना आसान हो गया है।
कंपनी का दावा है कि हटाए गए कुल विज्ञापनों में से 99% को यूजर्स तक पहुंचने से पहले ही ब्लॉक कर दिया गया था। इसका मतलब है कि अधिकांश फर्जी विज्ञापन लोगों के सामने आने से पहले ही सिस्टम द्वारा पकड़ लिए गए।
भारत में जिन वजहों से सबसे ज्यादा विज्ञापन हटाए गए, उनमें ट्रेडमार्क का गलत इस्तेमाल, फाइनेंशियल सर्विसेज से जुड़े नियमों का उल्लंघन, कॉपीराइट का दुरुपयोग, पर्सनल डेटा से जुड़े नियमों का उल्लंघन और एड नेटवर्क का गलत इस्तेमाल शामिल हैं।
गूगल के अधिकारियों के मुताबिक, आजकल स्कैमर्स भी जेनेरेटिव AI का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे वे असली जैसे दिखने वाले फर्जी विज्ञापन बना लेते हैं। लेकिन जेमिनी जैसे एडवांस AI मॉडल की मदद से अब ऐसे स्कैम्स को रियल-टाइम में पकड़ना और रोकना संभव हो गया है।
कुल मिलाकर, यह रिपोर्ट दिखाती है कि डिजिटल दुनिया में सुरक्षा को लेकर टेक कंपनियां अब पहले से ज्यादा सतर्क हो गई हैं और AI के जरिए फर्जीवाड़े पर तेजी से लगाम लगाने की कोशिश कर रही हैं।