सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा डिजिटल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सॉल्यूशन (डीपीएमएस) के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बीएमडीसी, सेक्टर–7 में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों से कुल 25 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य फोकस इंडेंटिंग विभागों अर्थात शॉप्स की भूमिका पर केंद्रित रहा, जिसमें आईपीयू की पहल से लेकर स्टेज–1 एवं स्टेज–2 अनुमोदन, कॉन्ट्रैक्ट अवार्ड, निष्पादन, कमीशनिंग तथा अंततः कॉन्ट्रैक्ट क्लोजर तक की संपूर्ण प्रक्रिया को विस्तारपूर्वक समझाया गया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को डीपीएमएस में पंजीकरण की प्रक्रिया, डायरेक्टरी निर्माण, कंसल्टेंट को असाइनमेंट, आईपीयू निर्माण, mJPro (एमजेप्रो) के साथ डीपीएमएस का इंटरफेस तथा विभिन्न अनुमोदन प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री पी. के. सरकार की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि डीपीएमएस के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी हितधारकों शॉप्स, कंसल्टेंट अथवा कॉन्ट्रैक्टर को प्रोजेक्ट विभाग के साथ समन्वित रूप से प्रशिक्षित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने परियोजनाओं की प्रगति का नियमित विश्लेषण करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं) श्री एम. के. गुप्ता, श्री अनुराग उपाध्याय एवं श्री उन्मेष भारद्वाज भी उपस्थित रहे।
मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं) श्री एम. के. गुप्ता ने परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी के लिए डीपीएमएस को एकीकृत मंच के रूप में अपनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए बताया कि इसमें महत्वपूर्ण गतिविधियों एवं संभावित बाधाओं के लिए अलर्ट जनरेशन जैसी विशेषताएँ उपलब्ध हैं। मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं) श्री अनुराग उपाध्याय ने परियोजना योजना, निष्पादन एवं वाणिज्यिक पहलुओं के समेकन के साथ हितधारकों के मध्य बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर प्रकाश डाला तथा परियोजनाओं को निर्धारित समय एवं लागत के भीतर पूर्ण करने पर जोर दिया। मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं) श्री उन्मेष भरद्वाज ने डेटा आधारित निगरानी एवं नियमित समीक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि एसएआईएल में डीपीएमएस के कार्यान्वयन हेतु बीएसपी को नोडल इकाई के रूप में नामित किया गया है।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ प्रबंधक (परियोजनाएं) सुश्री अंकिता मोहनिया द्वारा किया गया। प्रशिक्षण का क्रियान्वयन उप महाप्रबंधक (परियोजनाएं) श्री पुनीत वर्मा एवं सहायक महाप्रबंधक (परियोजनाएं) सुश्री जया तिवारी द्वारा किया गया, जिसमें श्री आकाश मेश्राम, सुश्री चित्रांशी पटेल एवं श्री प्रतीक शर्मा की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम की पृष्ठभूमि का विवरण महाप्रबंधक (परियोजनाएं) सुश्री राधिका श्रीनिवासन द्वारा दिया गया व धन्यवाद ज्ञापन सहायक महाप्रबंधक (परियोजनाएं) सुश्री जया तिवारी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
सांयकालीन समापन सत्र में मुख्य महाप्रबंधक (प्लेट मिल) श्री कार्तिकेय बेहेरा, मुख्य महाप्रबंधक (कोक ओवन एवं सीसीडी) श्री तुलाराम बेहेरा तथा मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं) श्री एम. के. गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को डीपीएमएस प्रक्रियाओं की समग्र एवं व्यवहारिक समझ प्राप्त हुई, साथ ही मानकीकृत एवं दक्ष परियोजना प्रबंधन पद्धतियों को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार भी सुदृढ़ हुआ।