रायपुर में उजागर हुए एक बड़े ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क ने सोशल मीडिया की चमक-दमक के पीछे छिपे काले सच को सामने ला दिया है। खुद को लग्जरी लाइफस्टाइल वाला इंफ्लुएंसर बताने वाला Babu Khemani दरअसल एक मल्टी-स्टेट सट्टा सिंडिकेट का मास्टरमाइंड निकला, जिसकी जड़ें देश के कई शहरों से लेकर विदेश तक फैली हुई बताई जा रही हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क किसी साधारण ऑपरेशन की तरह नहीं, बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ तीन अलग-अलग लेयर में काम करता था। हर लेयर का अपना अलग रोल था—कहीं नए लोगों को जोड़ना, कहीं पैसे का ट्रांजैक्शन संभालना और कहीं पूरे सिस्टम को छुपाकर चलाना। लेकिन इन सबका मकसद एक ही था—नेटवर्क को लगातार बढ़ाना और करोड़ों का खेल चलाना।
इस पूरे सिंडिकेट की खासियत यह थी कि यह लगातार अपना चेहरा बदलता रहा। शुरुआत में “मेटो”, “कलर 777” और “क्लासिक X99” जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को जोड़ा गया। लेकिन जैसे ही पुलिस का दबाव बढ़ा, इन प्लेटफॉर्म को बंद कर दिया गया और नए नामों के साथ फिर से ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। “3 Stumps” और “55 Exchange” जैसे नए पैनल बनाकर पुराने और नए दोनों तरह के यूजर्स को फिर से जोड़ा गया, ताकि नेटवर्क बिना रुके चलता रहे।
इस मामले को और गंभीर बनाता है इसका इंटरनेशनल कनेक्शन। जांच में यह बात सामने आई है कि बाबू खेमानी का नेटवर्क दुबई तक फैला हुआ था। इसी दौरान उसकी मुलाकात Lalit Modi से होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि इस मुलाकात का सट्टा नेटवर्क से सीधा संबंध अभी साफ नहीं है, लेकिन इस इनपुट ने मामले को लोकल से उठाकर इंटरनेशनल स्तर तक पहुंचा दिया है।
सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि बाबू खेमानी ने अपने इस पूरे नेटवर्क को छुपाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल एक हथियार की तरह किया। महंगी कारें, विदेशी यात्राएं, पार्टियां और हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल दिखाकर उसने खुद को एक सफल और प्रभावशाली शख्स के रूप में पेश किया। यही उसकी सबसे बड़ी चाल थी—लोगों का भरोसा जीतना।
वह खासतौर पर IPL के दौरान खुद को “एक्सपर्ट” के तौर पर प्रोजेक्ट करता था। मैच प्रिडिक्शन और टिप्स के नाम पर लोगों को अपने टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ता और फिर धीरे-धीरे उन्हें सट्टा नेटवर्क का हिस्सा बना देता। आसान कमाई के लालच में फंसे लोग बिना ज्यादा सवाल किए इस जाल में फंसते चले जाते थे।
कुल मिलाकर, यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस सुनियोजित सिस्टम का है, जिसमें सोशल मीडिया, टेक्नोलॉजी और लालच को मिलाकर एक बड़ा नेटवर्क खड़ा किया गया। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।