Meta Pixel

हिन्दी फिल्मी गीतों के माध्यम से राजभाषा के प्रसार पर संगोष्ठी सम्पन्न

Spread the love

नगर सेवाएँ भवन सभागार में 17 अप्रैल 2026 को “हिन्दी फिल्मी गीतों का योगदान, राजभाषा के प्रसार में” विषय पर एक विचारोत्तेजक राजभाषा संगोष्ठी का आयोजन सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारम्भ उप महाप्रबंधक (नगर सेवाएँ) श्री राघवेन्द्र गर्ग के सानिध्य में अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। संगोष्ठी में अतिथि द्वय के रूप में उप महाप्रबंधक (एचआर माइंस) श्री यशवन्त कुमार साहू तथा उप प्रबंधक (सं एवं प्रशा-राजभाषा) श्री जितेन्द्र दास मानिकपुरी उपस्थित रहे।

श्री यशवन्त कुमार साहू ने अपने विस्तृत एवं सारगर्भित वक्तव्य में वर्ष 1913 से 2023 तक के हिन्दी फिल्मी गीतों, भजनों एवं गजलों के माध्यम से हिन्दी भाषा के प्रसार के विविध आयामों को गहनता से प्रस्तुत किया। उन्होंने हिन्दी भाषा की समावेशी क्षमता को रेखांकित करते हुए बताया कि किस प्रकार फिल्मी गीतों ने जन-जन तक हिन्दी को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

संगोष्ठी में वक्तागण श्री केदारनाथ सोनबेर, श्री समरजीत दत्ता, श्री लक्ष्मीनारायण दुबे, श्री आर. शेषाद्रि अय्यर, श्री नन्दकिशोर बोरकर एवं सुश्री वर्चला शर्मा ने क्रमशः 10 से 15 मिनट के अपने पूर्व-पंजीकृत वक्तव्यों में हिन्दी फिल्मी गीतों के माध्यम से अन्तर्राज्यीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर लोगों के जुड़ाव को विस्तारपूर्वक समझाया। वक्ताओं ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि पुराने हिन्दी फिल्मी गीत कहावतों, मुहावरों एवं भाषा की शुद्धता को समझने का सशक्त आधार प्रस्तुत करते हैं।

कार्यक्रम का संचालन विभागीय हिन्दी समन्वय अधिकारी श्री मुकुन्द दास मानिकपुरी द्वारा किया गया। अपने संक्षिप्त उद्बोधन में उन्होंने कहा कि भक्ति एवं प्रेम से ओत-प्रोत संत कबीर के रहस्यमय भजनों को फिल्मी गीतों के माध्यम से समझने में अत्यधिक सहायता मिलती है, जिसका लाभ हिन्दी साहित्य के शोधार्थियों ने प्रभावी रूप से उठाया है। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि कई धार्मिक परम्पराओं एवं पर्वों के अज्ञात या परिवर्तित कारणों को समझने में भी फिल्मी गीत सहायक सिद्ध होते हैं।

कार्यक्रम के अंतिम सत्र में अतिथियों को सम्मानित किया गया, वक्ताओं को पुरस्कृत किया गया तथा अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने वाले श्रोताओं को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर महाप्रबन्धक (पीएचडी- प्लानिंग-समन्वय) श्री के के यादव द्वारा पुरस्कार वितरित किए गए।

अंत में उप प्रबन्धक श्री नन्द किशोर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसके साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *