दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बंगाल की धरती से तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। बिष्णुपुर की रैली में उन्होंने कहा कि TMC सरकार ने राज्य की महिलाओं के साथ अन्याय किया है और अब समय आ गया है कि जनता उन्हें वोट के जरिए सजा दे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि चुनाव के बाद कानून का शिकंजा और कस सकता है, जिससे सियासी माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है। झाड़ग्राम में अपनी यात्रा के दौरान मोदी का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला, जब वे एक स्थानीय दुकान पर रुके और झालमुड़ी का स्वाद लिया, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
इसी बीच, कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने तमिलनाडु के होसुर में रैली करते हुए दावा किया कि DMK के नेतृत्व वाला गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और भाजपा को हराने की पूरी क्षमता रखता है। इससे साफ है कि विपक्ष भी अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटा हुआ है।
भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी चुनावी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। J. P. Nadda बंगाल के बहरामपुर, कांथी और बिष्णुपुर में रोड शो और जनसभाएं करेंगे, जबकि Nitin Nabin तमलुक, एगरा और केशियाड़ी में पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए मैदान में उतरेंगे। लगातार हो रही रैलियां और रोड शो इस बात का संकेत हैं कि भाजपा इस चुनाव को पूरी ताकत के साथ लड़ रही है।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने भाजपा के पक्ष में बड़े दावे किए हैं, जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल में “दोहरा शतक” लगाने की बात कही है। वहीं दक्षिण भारत में भी हलचल जारी है, जहां अभिनेता से नेता बने Vijay की पार्टी TVK ने तमिलनाडु की एक हाई-प्रोफाइल सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान किया है।
कुल मिलाकर, बंगाल से लेकर तमिलनाडु तक राजनीति का तापमान लगातार बढ़ रहा है। आरोप-प्रत्यारोप, रैलियां और बड़े-बड़े दावे—सब मिलकर यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले चुनाव बेहद दिलचस्प और कड़े मुकाबले वाले होने वाले हैं।