Meta Pixel

वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत में पेट्रोल स्थिर: आखिर कैसे काबू में हैं दाम?

Spread the love

पश्चिम एशिया में तनाव और युद्ध जैसे हालातों ने वैश्विक तेल बाजार को झकझोर दिया है। अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति प्रभावित होने के चलते कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। लेकिन इन वैश्विक हलचलों के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम अपेक्षाकृत स्थिर बने हुए हैं, जो आम लोगों के लिए राहत की खबर है।

हालिया आंकड़ों के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत में 5.51 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद यह लगभग 95.89 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है, लेकिन इस बार भारत में ऐसा देखने को नहीं मिला।

देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। वहीं, पश्चिम बंगाल जैसे चुनावी राज्यों में कीमतें अपेक्षाकृत ज्यादा हैं, जहां पेट्रोल करीब 104.99 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.81 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है। यानी राज्यों के टैक्स और स्थानीय कारकों के कारण कीमतों में अंतर साफ दिखाई देता है।

अगर देश में सबसे सस्ते पेट्रोल-डीजल की बात करें तो अंडमान-निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर इस सूची में सबसे ऊपर है। यहां पेट्रोल करीब 82.46 रुपये प्रति लीटर और डीजल 78.05 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। इसके अलावा ईटानगर, सिलवासा, दमन और हरिद्वार जैसे शहरों में भी अपेक्षाकृत कम दाम देखने को मिल रहे हैं।

दूसरी ओर, भारत के पड़ोसी देशों में पेट्रोल की कीमतें काफी ज्यादा हैं। बांग्लादेश में लगभग 90.95 रुपये प्रति लीटर, भूटान में 97.88 रुपये, पाकिस्तान में 122.42 रुपये, चीन में 130.11 रुपये, श्रीलंका में 134.38 रुपये, नेपाल में 136.86 रुपये और म्यांमार में तो यह 146.82 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुका है। इन आंकड़ों से साफ है कि भारत अभी भी कई देशों के मुकाबले सस्ती दरों पर ईंधन उपलब्ध करा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में कीमतों के स्थिर रहने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। एक ओर सरकार वैश्विक संकट के बीच आम जनता पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालना चाहती, वहीं दूसरी ओर चुनावी माहौल भी एक अहम फैक्टर माना जा रहा है। हालांकि सरकार का कहना है कि वह हर परिस्थिति में देशवासियों के हितों को प्राथमिकता देती है और उसी के अनुसार निर्णय लिए जाते हैं।

कुल मिलाकर, जहां दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं भारत में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में दिखाई दे रही है। लेकिन यह स्थिरता कब तक बनी रहेगी, यह काफी हद तक वैश्विक हालात और आने वाले दिनों में तेल बाजार की दिशा पर निर्भर करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *