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विशेष सत्र पर सियासत गरम—चरणदास महंत का सरकार पर हमला, बोले “निंदा प्रस्ताव से नहीं छुपेगा सच”

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छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने और उसमें विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी को लेकर नेता प्रतिपक्ष Charandas Mahant ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा कि यह पूरा मामला लोकतांत्रिक प्रक्रिया से ज्यादा राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश जैसा नजर आता है।

कोरिया जिले के दौरे पर पहुंचे महंत ने कहा कि अगर सरकार को वाकई चर्चा करनी है, तो सिर्फ एक दिन का सत्र बुलाना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि कम से कम दो दिन का सत्र होना चाहिए—पहले दिन सरकार अपने आरोप रखे और दूसरे दिन विपक्ष को जवाब देने का पूरा अवसर मिले। उनके मुताबिक, यही लोकतंत्र की असली भावना है, जहां हर पक्ष को अपनी बात रखने का बराबर मौका मिले।

महंत ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे को भी राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति वंदन” जैसे नामों के पीछे असलियत छिपाई जा रही है और जनता, खासकर महिलाओं को गुमराह करने का प्रयास हो रहा है। उनके अनुसार, इस तरह के विशेष सत्रों में जनता के पैसे का भी अनावश्यक उपयोग हो रहा है।

महिला आरक्षण को लेकर भी उन्होंने बड़ा सवाल खड़ा किया। महंत ने कहा कि जब वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, तो फिर इसे लागू करने में देरी क्यों हो रही है? उन्होंने Narendra Modi पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों में ही 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जा सकता है, फिर सीटों की संख्या बढ़ाने की बात क्यों की जा रही है।

उनका आरोप है कि यह पूरा मुद्दा सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए उठाया जा रहा है, ताकि जनता का ध्यान असल मुद्दों से हटाया जा सके। उन्होंने दोहराया कि अगर सरकार सच में पारदर्शिता चाहती है, तो उसे विपक्ष को भी बराबरी से अपनी बात रखने का मंच देना चाहिए।

इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में विधानसभा का विशेष सत्र केवल औपचारिक कार्यवाही नहीं होगा, बल्कि यह सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराहट का मंच बनने वाला है।

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