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जेल से फिर आया सुकेश का प्रेम-पत्र—जैकलीन केस में ‘प्यार और जंग’ वाला दावा बना चर्चा का केंद्र

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200 करोड़ रुपए के चर्चित मनी लॉन्ड्रिंग केस में एक बार फिर नया मोड़ देखने को मिला है। आरोपी सुकेश चंद्रशेखर ने जेल से बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस को एक और पत्र भेजा है, जिसने इस हाई-प्रोफाइल मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। यह पत्र ऐसे समय में सामने आया है, जब जैकलीन इस केस में सरकारी गवाह यानी अप्रूवर बनने की कोशिश कर रही हैं।

21 अप्रैल को लिखे गए इस पत्र में सुकेश ने जैकलीन के लिए बेहद निजी और भावनात्मक शब्दों का इस्तेमाल किया। उसने उन्हें “बेबी बोम्मा” और “माय जैकी” कहकर संबोधित किया और लिखा कि “प्यार और जंग में सब जायज है।” सुकेश ने अपने संदेश में यह भी जताया कि वह हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहेगा। उसने अपने रिश्ते को बेहद खास बताते हुए कहा कि यह उसके लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है और अंत में “JFS फॉरएवर” लिखकर खुद को “बेबी बॉय” बताया।

यह पहला मौका नहीं है जब सुकेश ने जेल से इस तरह का पत्र भेजा हो। वह पहले भी कई खास मौकों—जैसे वैलेंटाइन डे, होली, क्रिसमस और जन्मदिन—पर जैकलीन को पत्र लिख चुका है। लेकिन इस बार का पत्र इसलिए ज्यादा अहम हो गया है क्योंकि यह उस समय सामने आया है जब जैकलीन ने अदालत में अप्रूवर बनने की अर्जी दी है।

इस मामले में जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय पहले ही जैकलीन को आरोपी बना चुकी है। उनसे कई दौर की पूछताछ भी हो चुकी है। हालांकि, उन्होंने केस को रद्द कराने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उनकी याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 मई को स्पेशल जज प्रशांत शर्मा की अदालत में होनी है।

पूरा मामला 200 करोड़ रुपए की कथित ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। आरोप है कि सुकेश ने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर की पत्नी से बड़ी रकम ठगी और उसी पैसे का इस्तेमाल लग्जरी लाइफस्टाइल और महंगे गिफ्ट्स पर किया। जांच में यह भी सामने आया कि उसने जैकलीन पर करोड़ों रुपए खर्च किए, जिसमें महंगी ज्वेलरी, लग्जरी कारें, पालतू जानवर और अन्य कीमती सामान शामिल हैं।

फिलहाल सुकेश दिल्ली की मंडोली जेल में बंद है, जहां से वह लगातार पत्रों के जरिए सुर्खियों में बना हुआ है। वहीं जैकलीन की कानूनी स्थिति अब इस बात पर निर्भर करेगी कि अदालत उनके अप्रूवर बनने के आवेदन पर क्या फैसला देती है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि यह मामला सिर्फ आर्थिक अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें रिश्तों, भरोसे और कानूनी जटिलताओं का ऐसा मिश्रण है, जिसने इसे देश के सबसे चर्चित मामलों में शामिल कर दिया है।

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