ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क आखिरकार चोट से उबरकर मैदान में लौटने के लिए तैयार हैं। लंबे समय से कंधे और कोहनी की परेशानी से जूझ रहे स्टार्क अब भारत आने वाले हैं और उम्मीद की जा रही है कि वह मई की शुरुआत से आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलते नजर आएंगे। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो वह 1 मई को जयपुर में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मुकाबले में टीम का हिस्सा बन सकते हैं।
36 वर्षीय स्टार्क ने जनवरी के बाद से कोई प्रतिस्पर्धी मैच नहीं खेला था। उन्होंने हाल ही में एशेज सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए 31 विकेट झटके और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ भी बने। हालांकि, उस सीरीज के दौरान उन्होंने काफी ज्यादा गेंदबाजी की, जिससे उनके शरीर पर दबाव बढ़ा और चोट की समस्या सामने आई।
एशेज के बाद स्टार्क ने घरेलू टूर्नामेंट में सिडनी सिक्सर्स के लिए खेलते हुए टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई, लेकिन इसी दौरान एक मैच में कैच पकड़ने की कोशिश में वह बुरी तरह गिर गए। इस हादसे में उनके बाएं कंधे और कोहनी में चोट लग गई, जिसने उन्हें कुछ समय के लिए मैदान से दूर कर दिया।
फरवरी में वापसी की कोशिश के दौरान उन्हें हल्का दर्द महसूस हुआ, जिसके चलते उनका भारत दौरा टल गया था। इससे उनके आईपीएल में खेलने को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई थी। हालांकि अब उन्होंने सिडनी में बिना किसी परेशानी के गेंदबाजी की है, जिससे उनकी फिटनेस को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। खबर है कि वह जल्द ही भारत के लिए रवाना हो सकते हैं।
भारत पहुंचने के बाद स्टार्क को यहां के मौसम और पिच परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने के लिए थोड़ा समय लगेगा। साथ ही वह धीरे-धीरे अपनी फिटनेस और गेंदबाजी की रफ्तार को भी वापस हासिल करने की कोशिश करेंगे। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो वह पूरे सीजन में दिल्ली के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।
इस बीच ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस की वापसी की खबर भी सामने आ रही है, जो चोट से उबरकर आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेल सकते हैं।
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के लिए यह दोहरी राहत की खबर है, क्योंकि आने वाले समय में टीम को कई बड़े टूर्नामेंट खेलने हैं। ऐसे में स्टार्क, कमिंस और जोश हेजलवुड जैसे अनुभवी तेज गेंदबाजों का फिट रहना टीम की मजबूती के लिए बेहद जरूरी होगा।
कुल मिलाकर, स्टार्क की वापसी न केवल आईपीएल में रोमांच बढ़ाएगी, बल्कि ऑस्ट्रेलिया टीम के लिए भी एक मजबूत संकेत है कि उनकी तेज गेंदबाजी आक्रमण फिर से पूरी ताकत में लौट रहा है।