Meta Pixel

रायपुर सचिवालय में बड़ा फर्जीवाड़ा: डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर निकाले गए नकली नियुक्ति पत्र

Spread the love

छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जिसने सरकारी तंत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। General Administration Department Chhattisgarh के नाम पर जारी एक फर्जी नियुक्ति आदेश ने पूरे सचिवालय में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर नकली लेटर जारी किए गए, जिससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भ्रमित हो गए।

जांच में सामने आया है कि इस फर्जी आदेश में राज्य के कई अहम विभागों—परिवहन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और स्कूल शिक्षा—में भर्ती की सिफारिश दिखाई गई थी। लेकिन अधिकारियों ने साफ किया है कि यह आदेश पूरी तरह नकली है और इसका सरकार से कोई लेना-देना नहीं है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस फर्जी दस्तावेज में सचिव Rajat Kumar और उप सचिव Shiv Kumar Singh के डिजिटल हस्ताक्षरों का गलत इस्तेमाल किया गया। इससे न सिर्फ फर्जीवाड़े की गंभीरता बढ़ गई है, बल्कि यह भी सवाल उठने लगे हैं कि आखिर सरकारी डिजिटल सिस्टम कितना सुरक्षित है।

इस मामले की शिकायत अनुभाग अधिकारी राजपाल बघेल द्वारा दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। जानकारी के मुताबिक, यह फर्जी नियुक्ति पत्र डाक के जरिए कई अभ्यर्थियों तक भेजा गया था, जिससे लोगों को यह विश्वास हो गया कि उन्हें सरकारी नौकरी मिल गई है। आदेश में चरित्र सत्यापन और प्रशिक्षण के बाद नियुक्ति का जिक्र भी किया गया था, जो पूरी तरह से धोखाधड़ी का हिस्सा था।

मामला सामने आने के बाद सचिवालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आज के डिजिटल युग में जहां अधिकांश सरकारी कामकाज ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निर्भर है, वहां इस तरह का साइबर दुरुपयोग बेहद चिंताजनक माना जा रहा है। अधिकारियों ने तुरंत जांच के आदेश दिए और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की बात कही है।

पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह आशंका भी जताई जा रही है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका हो सकती है। फिलहाल तकनीकी जांच के साथ-साथ संदिग्धों से पूछताछ जारी है।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस कब तक इस सिंडिकेट का पर्दाफाश करती है और दोषियों को पकड़कर इस बड़े घोटाले का खुलासा करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *