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रायपुर में सट्टे का काला खेल बेनकाब: बाबू खेमानी की करोड़ों की संपत्ति, लग्जरी लाइफस्टाइल और इंटरनेशनल कनेक्शन का खुलासा

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रायपुर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने मास्टरमाइंड गुलशन उर्फ बाबू खेमानी की काली कमाई का चौंकाने वाला सच सामने रखा है। गंज थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में आमानाका स्थित उसके ठिकाने पर छापा मारते ही करोड़ों की संपत्ति, लग्जरी गाड़ियों और संदिग्ध निवेश का पूरा जाल खुलकर सामने आ गया।

सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को पांच महंगी कारें—जिनमें BMW और अन्य लग्जरी मॉडल शामिल हैं—के साथ-साथ प्रॉपर्टी से जुड़े अहम दस्तावेज मिले। शुरुआती जांच में साफ हुआ है कि खेमानी ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए भारी अवैध कमाई कर शहर के अलग-अलग इलाकों में निवेश किया। मारुति एनक्लेव के अलावा रविभवन में मोबाइल दुकान, जोरापारा में गोदाम और महासमुंद-बागबाहरा रोड पर जमीन जैसे कई ठिकानों पर उसकी पकड़ सामने आई है।

मुंबई से गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि बाबू और उसका भाई करण 50 से ज्यादा आईडी के जरिए ऑनलाइन सट्टा ऑपरेट करते थे। इस पूरे नेटवर्क को चलाने के लिए म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे पैसों के लेन-देन को छिपाया जा सके। अब पुलिस इन खातों की गहराई से जांच कर रही है और बड़े वित्तीय नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है।

बताया जा रहा है कि खेमानी पहले महादेव बुक ऐप से जुड़ा था, लेकिन बाद में उसने अपना अलग सट्टा नेटवर्क खड़ा कर लिया। ‘3 Stumps’ नाम के ऐप के जरिए करोड़ों का ट्रांजैक्शन होने की आशंका है। पुलिस ने छापे के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और डिजिटल सबूत भी जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच जारी है।

इस पूरे मामले को और गंभीर बनाता है इसका अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन। जांच में सामने आया है कि बाबू खेमानी का दुबई से भी संपर्क रहा है। उसकी विदेश यात्राएं सिर्फ शौक नहीं, बल्कि नेटवर्क विस्तार का हिस्सा मानी जा रही हैं। इसी दौरान उसकी मुलाकात आईपीएल के पूर्व कमिश्नर Lalit Modi से भी होने की जानकारी सामने आई है, हालांकि इस मुलाकात का सीधे सट्टा नेटवर्क से संबंध अभी जांच का विषय है।

खेमानी की एक और पहचान सोशल मीडिया पर बनी उसकी ‘फेक सेलिब्रिटी’ इमेज है। वह खुद को एक सफल इंफ्लुएंसर की तरह पेश करता था—महंगी गाड़ियां, विदेशी ट्रिप, हाई-प्रोफाइल पार्टियां—इन सबके जरिए वह लोगों को प्रभावित करता और फिर “प्रिडिक्शन” के नाम पर उन्हें अपने सट्टा नेटवर्क से जोड़ता। टेलीग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को आसान कमाई का लालच देकर इस जाल में फंसाया जाता था।

इस केस में पुलिस ने बाबू खेमानी के साथ उसके पिता ब्रह्मानंद और भाई करण के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। दोनों फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क में क्लब, होटल और सराफा कारोबार से जुड़े लोगों की भी भूमिका हो सकती है, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं।

रायपुर में ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ यह कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी मानी जा रही है, जिसने न सिर्फ एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किस तरह अपराध का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है।

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