रायपुर – राज्य में जनहित के मामलों पर त्वरित कार्रवाई का एक और उदाहरण सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग हितग्राही को लंबे समय से लंबित पेंशन और राशन का लाभ आखिरकार मिल गया। यह संभव हुआ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सीधे हस्तक्षेप के बाद, जिन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल निर्देश जारी किए।
मीडिया रिपोर्ट बनी कार्रवाई की वजह
गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर ब्लॉक के पथर्री गांव निवासी भीखलु राम ध्रुव को पिछले तीन महीनों से पेंशन और राशन जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही थीं। जैसे ही यह मामला मीडिया के जरिए सामने आया, मुख्यमंत्री ने बिना देर किए प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
ई-केवाईसी अटका, योजनाएं रुकीं
जिला प्रशासन की जांच में सामने आया कि हितग्राही का ई-केवाईसी लंबित होने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। कलेक्टर के निर्देश पर तुरंत प्रक्रिया पूरी कराई गई, जिससे लाभ फिर से शुरू हो सका।
तत्काल राहत पेंशन और राशन दोनों मिला
प्रशासन की तेजी का असर यह रहा कि भीखलु राम ध्रुव को तीन महीने की लंबित वृद्धावस्था पेंशन एकमुश्त प्रदान की गई। वहीं खाद्य विभाग की टीम ने उनके घर पहुंचकर एक क्विंटल चावल भी उपलब्ध कराया, जिससे उन्हें तत्काल राहत मिली।
हितग्राही ने जताया आभार
मदद मिलने के बाद भीखलु राम ध्रुव ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि अब उन्हें जीवन में काफी सहारा मिला है और सरकार पर भरोसा और मजबूत हुआ है।
जमीनी स्तर पर असर दिखा रहा नेतृत्व
यह घटना बताती है कि शासन स्तर पर लिए गए फैसले जब तेजी से लागू होते हैं, तो उनका सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंचता है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिस तरह प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की, वह संवेदनशील और जवाबदेह शासन की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।