28 अप्रैल 2026 को सर्राफा बाजार से एक ऐसी खबर आई जिसने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों का ध्यान खींच लिया। सोना अचानक 1,629 रुपये टूटकर करीब 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया, जबकि चांदी में तो और भी तेज गिरावट देखने को मिली और यह एक ही दिन में 5,381 रुपये गिरकर 2.38 लाख रुपये प्रति किलो रह गई। यह सिर्फ एक दिन की हलचल नहीं है, बल्कि पिछले कुछ हफ्तों से चल रही बड़ी गिरावट का हिस्सा है, जिसने बाजार की दिशा ही बदल दी है।
साल 2026 की शुरुआत में सोना जबरदस्त तेजी में था और निवेशकों के लिए सुरक्षित ठिकाना बना हुआ था। 31 दिसंबर 2025 को जहां सोना 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास था, वहीं 29 जनवरी 2026 को इसने 1.76 लाख रुपये का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना दिया। लेकिन अब तस्वीर बिल्कुल बदल चुकी है। ऑल टाइम हाई से सोना करीब 26 हजार रुपये सस्ता होकर 1.50 लाख के आसपास आ चुका है। यह गिरावट दिखाती है कि बाजार में अब मुनाफावसूली का दौर चल रहा है और वैश्विक तनावों के असर से कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है।
अगर चांदी की बात करें तो इसमें उतार-चढ़ाव और भी ज्यादा देखने को मिला है। जहां 29 जनवरी को चांदी 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, वहीं अब यह गिरकर 2.38 लाख रुपये पर आ चुकी है। यानी सिर्फ 89 दिनों में चांदी करीब 1.48 लाख रुपये सस्ती हो गई। यह गिरावट साफ संकेत देती है कि चांदी में जोखिम ज्यादा है और इसकी कीमतें तेजी से ऊपर-नीचे हो सकती हैं।
बीते 3 महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 29 जनवरी को सोना 1,76,121 रुपये था, जो फरवरी के अंत तक 1,50,997 रुपये पर आ गया। मार्च में यह और नीचे जाकर 1,46,733 रुपये तक पहुंचा और अब अप्रैल के अंत में हल्की रिकवरी के साथ 1,49,557 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। वहीं चांदी जनवरी के 3,85,933 रुपये से गिरकर फरवरी में 2,66,700, मार्च में 2,30,135 और अब अप्रैल में 2,38,339 रुपये पर पहुंच गई है। ये आंकड़े बताते हैं कि बाजार अभी भी स्थिर नहीं हुआ है और आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
देश के बड़े शहरों में भी सोने के दाम लगभग एक जैसे बने हुए हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और रायपुर जैसे शहरों में 24 कैरेट सोना करीब 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बिक रहा है। चेन्नई में यह थोड़ा महंगा है, जहां कीमत 1.53,820 रुपये तक पहुंच गई है। इससे साफ है कि पूरे देश में कीमतों का ट्रेंड लगभग समान है और गिरावट का असर हर जगह देखा जा रहा है।
कैरेट के हिसाब से देखें तो 24 कैरेट सोना सबसे महंगा है, जिसकी कीमत करीब 1,49,557 रुपये है। 22 कैरेट सोना 1,36,994 रुपये, 18 कैरेट 1,12,168 रुपये और 14 कैरेट 87,491 रुपये के स्तर पर है। यानी शुद्धता जितनी कम होगी, कीमत उतनी ही कम होती जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम में एक बड़ा सवाल उठता है कि क्या यह गिरावट खरीदारी का मौका है या फिर आगे और गिरावट आने वाली है। बाजार के जानकार मानते हैं कि अभी जो गिरावट दिख रही है, वह मुनाफावसूली और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर है। अगर वैश्विक तनाव कम होता है और डॉलर मजबूत होता है, तो सोने-चांदी में और दबाव आ सकता है। वहीं अगर अस्थिरता बढ़ती है, तो फिर से तेजी लौट सकती है।
जो लोग सोना खरीदने की सोच रहे हैं, उनके लिए सबसे जरूरी है कि वे सिर्फ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना लें, जिससे उसकी शुद्धता पर भरोसा किया जा सके। साथ ही, खरीदारी से पहले अलग-अलग स्रोतों से कीमत जरूर चेक करें, ताकि ज्यादा भुगतान न करना पड़े।
चांदी खरीदने वालों को भी सावधान रहने की जरूरत है। असली चांदी की पहचान के लिए कुछ आसान तरीके अपनाए जा सकते हैं, जैसे मैग्नेट टेस्ट, आइस टेस्ट, स्मेल टेस्ट और कपड़े से रगड़कर देखना। ये छोटे-छोटे टेस्ट आपको नकली और असली के बीच फर्क समझने में मदद कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, सर्राफा बाजार इस समय अस्थिर दौर से गुजर रहा है। कीमतों में गिरावट ने जहां खरीदारों को आकर्षित किया है, वहीं निवेशकों के लिए यह समय सोच-समझकर कदम उठाने का है। आने वाले दिनों में बाजार किस दिशा में जाएगा, यह पूरी तरह वैश्विक हालात और निवेशकों के भरोसे पर निर्भर करेगा।