Meta Pixel

सिक्किम में पीएम मोदी का अलग अंदाज, बच्चों संग फुटबॉल खेलकर दिया ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का संदेश

Spread the love

सिक्किम की वादियों में उस वक्त एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली जब Narendra Modi ने औपचारिक कार्यक्रमों से अलग हटकर बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते हुए एक सहज और मानवीय छवि पेश की। गंगटोक की सुबह, ठंडी हवाओं के बीच बच्चों के साथ मैदान में उतरे प्रधानमंत्री का यह अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। खुद पीएम ने भी इस पल को साझा करते हुए लिखा कि इन बच्चों के साथ फुटबॉल खेलकर वे ऊर्जा से भर गए।

दरअसल, यह दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं था, बल्कि सिक्किम के 50वें स्थापना दिवस के समापन समारोह को खास बनाने का अवसर भी था। Sikkim के इस ऐतिहासिक पड़ाव पर प्रधानमंत्री ने राज्य के विकास, एकता और राष्ट्रीय भावना को नए सिरे से रेखांकित किया। बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते हुए उन्होंने जिस तरह सहजता दिखाई, वह संदेश देता है कि नेतृत्व केवल मंचों तक सीमित नहीं होता, बल्कि लोगों के बीच जाकर ही उसका असली रूप सामने आता है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने 4000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया, जो इस छोटे लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य के विकास को नई गति देने का संकेत है। अपने संबोधन में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जब देश में कुछ ताकतें भाषावाद, प्रांतवाद और भेदभाव को बढ़ावा देने की कोशिश करती हैं, तब सिक्किम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आता है।

प्रधानमंत्री ने सिक्किम और पूरे उत्तर-पूर्व को भारत की ‘अष्टलक्ष्मी’ बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के साथ-साथ ‘एक्ट फास्ट’ के विजन पर काम कर रही है, ताकि उत्तर-पूर्वी राज्यों का तेजी से विकास सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक सिक्किम के विकास को नजरअंदाज किया गया, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। पहली बार राज्य तक रेल कनेक्टिविटी पहुंचने जा रही है, जो यहां के आर्थिक और पर्यटन विकास को नई दिशा देगी। प्रधानमंत्री ने सिक्किम को ‘पूर्व का स्वर्ग’ और ‘ऑर्किड्स का गार्डन’ बताते हुए यहां की प्राकृतिक सुंदरता और लोगों की सादगी की भी जमकर तारीफ की।

इस दौरे की शुरुआत भी काफी भव्य रही। सोमवार शाम को गंगटोक पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री ने लिबिंग हेलिपैड से लोक भवन तक रोड शो किया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने तिरंगा लहराकर उनका स्वागत किया। यह दृश्य अपने आप में एक उत्सव जैसा था, जिसमें स्थानीय लोगों का उत्साह साफ झलक रहा था।

अगर इतिहास पर नजर डालें तो सिक्किम का भारत में विलय भी किसी साधारण प्रक्रिया का हिस्सा नहीं था। आजादी के बाद 1950 में भारत और सिक्किम के बीच शांति समझौता हुआ, जिसके तहत यह एक संरक्षित राज्य बना। लेकिन धीरे-धीरे राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं और 1975 में जनमत संग्रह के जरिए सिक्किम ने भारत का हिस्सा बनने का निर्णय लिया। 97.5 प्रतिशत लोगों के समर्थन के साथ यह राज्य आधिकारिक रूप से भारत का 22वां राज्य बना और एक नई यात्रा की शुरुआत हुई।

आज, 50 साल बाद, सिक्किम न केवल एक शांत और सुंदर राज्य के रूप में जाना जाता है, बल्कि राष्ट्रीय एकता और विकास के प्रतीक के रूप में भी उभर चुका है। प्रधानमंत्री का यह दौरा और बच्चों के साथ उनका फुटबॉल खेलना केवल एक तस्वीर नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक है जिसमें देश का नेतृत्व जनता के बीच, उनके साथ और उनके लिए खड़ा दिखाई देता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *