छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां शादी से लौट रही दो नाबालिग लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात हुई। यह घटना सीतापुर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जिसने इलाके में दहशत और आक्रोश दोनों फैला दिए हैं।
बताया जा रहा है कि 24 अप्रैल की रात चार नाबालिग सहेलियां एक शादी समारोह से लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में 5-6 बाइक पर सवार करीब 12 युवकों ने उन्हें घेर लिया। हालात बिगड़ते देख दो लड़कियां किसी तरह भागने में सफल रहीं, लेकिन बाकी दो नाबालिगों को आरोपियों ने जबरन अपने साथ ले जाकर अलग-अलग स्थानों पर दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया। दोनों पीड़िताओं की उम्र 15 साल से कम बताई जा रही है।
घटना के बाद देर रात दोनों लड़कियां किसी तरह घर पहुंचीं, लेकिन डर और सदमे के कारण तुरंत जानकारी नहीं दे सकीं। अगले दिन परिजनों को घटना बताई गई, जिसके बाद वे थाने पहुंचे। आरोप है कि शिकायत के बावजूद तत्काल न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही मेडिकल जांच कराई गई, जिससे पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले की पुष्टि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ने की है। पुलिस ने 26 अप्रैल को एक पीड़िता की शिकायत के आधार पर चार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और POCSO Act के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि, दूसरे मामले में अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं होने की बात सामने आ रही है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
घटना के बाद जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में तुरंत कार्रवाई जरूरी होती है, लेकिन यहां देरी ने पीड़िताओं के न्याय की राह को और मुश्किल बना दिया है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की तलाश जारी है। लेकिन यह घटना एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब पीड़िताएं नाबालिग हों।