इस हफ्ते सर्राफा बाजार में वो हुआ जिसकी उम्मीद कम ही लोग कर रहे थे। तेजी की रफ्तार पकड़ चुके सोना और चांदी दोनों के दाम अचानक फिसल गए, जिससे निवेशकों और खरीदारों के बीच हलचल तेज हो गई है। सोना जहां हफ्तेभर में 1,216 रुपए टूटकर 1,50,263 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया, वहीं चांदी की कीमत में और बड़ी गिरावट देखने को मिली। चांदी सीधे 3,389 रुपए लुढ़ककर 2,40,331 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई।
अगर पिछले हफ्ते से तुलना करें तो तस्वीर साफ है—25 अप्रैल को सोना 1,51,479 रुपए पर था, लेकिन अब यह नीचे खिसक चुका है। वहीं चांदी भी 2,43,720 रुपए से गिरकर मौजूदा स्तर पर आ गई है। यानी बाजार में एक तरह की मुनाफावसूली और अनिश्चितता का असर साफ दिखाई दे रहा है।
दरअसल, साल की शुरुआत में सोने ने जबरदस्त तेजी दिखाई थी। 31 दिसंबर 2025 को करीब 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम से शुरू होकर यह 29 जनवरी 2026 को अपने ऑल टाइम हाई 1.76 लाख रुपए तक पहुंच गया था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। ऊंचे स्तर से सोना करीब 26-27 हजार रुपए तक सस्ता हो चुका है, जो यह संकेत देता है कि बाजार फिलहाल ठहराव और सुधार के दौर में है।
चांदी की कहानी तो और भी ज्यादा उतार-चढ़ाव भरी रही है। साल की शुरुआत में 2.30 लाख रुपए प्रति किलो के आसपास रहने वाली चांदी 29 जनवरी 2026 को 3.86 लाख रुपए के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। लेकिन इसके बाद जो गिरावट आई, उसने सबको चौंका दिया। महज करीब तीन महीनों में चांदी 1.46 लाख रुपए तक टूटकर अब करीब 2.40 लाख रुपए प्रति किलो पर आ गई है। यह गिरावट बताती है कि चांदी का बाजार सोने की तुलना में ज्यादा अस्थिर बना हुआ है।
इस गिरावट के पीछे कई वजहें मानी जा रही हैं। एक तरफ निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली, तो दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय तनाव जैसे कारकों ने बाजार की दिशा बदल दी है। ऐसे में फिलहाल यह साफ है कि बाजार में तेजी की जगह सतर्कता ने ले ली है।
अगर आप इस समय सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो जल्दबाजी करने के बजाय समझदारी जरूरी है। हमेशा Bureau of Indian Standards (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें, ताकि शुद्धता को लेकर कोई संदेह न रहे। इसके साथ ही कीमत को अलग-अलग भरोसेमंद स्रोतों से जरूर जांच लें, क्योंकि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से दाम बदलते रहते हैं।
वहीं चांदी खरीदते वक्त भी सावधानी जरूरी है। असली चांदी की पहचान के लिए छोटे-छोटे घरेलू टेस्ट काफी मददगार साबित हो सकते हैं। जैसे चुंबक से चिपकना, बर्फ का जल्दी पिघलना, गंध का न होना और कपड़े पर काला निशान छोड़ना—ये सभी संकेत असली चांदी की पहचान बताते हैं।
कुल मिलाकर, सोना-चांदी की यह गिरावट बाजार में एक नए दौर की शुरुआत का संकेत हो सकती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह गिरावट आगे और गहराती है या फिर निवेशकों की वापसी के साथ कीमतें फिर से उड़ान भरती हैं।