छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur से एक बेहद चौंकाने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां अकेलेपन का फायदा उठाकर एक 80 वर्षीय बुजुर्ग को लाखों रुपए का चूना लगा दिया गया। Pandit Ravishankar Shukla University के सेवानिवृत्त टेक्निशियन मनहरन टिकरिहा को शादी का झांसा देकर करीब साढ़े नौ लाख रुपए ठग लिए गए।
दरअसल, बुजुर्ग ने करीब एक साल पहले अपनी दूसरी शादी के लिए एक मैट्रिमोनियल साइट पर अपना बायोडाटा डाला था। इसी जानकारी का फायदा उठाकर एक महिला ने उनसे संपर्क किया और खुद को कोरबा की रहने वाली और रेलवे से रिटायर्ड इंजीनियर बताया। बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और धीरे-धीरे यह रिश्ता भरोसे में बदल गया—लेकिन यही भरोसा उनकी सबसे बड़ी कमजोरी बन गया।
महिला ने बेहद चालाकी से भावनात्मक जुड़ाव बनाया और शादी का सपना दिखाते हुए पैसे मांगने का सिलसिला शुरू कर दिया। कभी शादी में आने का बहाना, तो कभी अचानक दुर्घटना और ऑपरेशन की जरूरत—ऐसे अलग-अलग कारण बताकर बुजुर्ग से किस्तों में पैसे ट्रांसफर कराए जाते रहे।
15 जून 2025 को पहली बार डेढ़ लाख रुपए ट्रांसफर कराए गए। इसके कुछ ही दिनों बाद एक अज्ञात कॉल आया, जिसमें बताया गया कि महिला का पटना में एक्सीडेंट हो गया है और तुरंत ऑपरेशन के लिए पैसे चाहिए। भरोसे में आए बुजुर्ग ने फिर रकम भेज दी। इस तरह अलग-अलग बहानों से लगातार पैसे निकलते रहे और कुल रकम साढ़े नौ लाख रुपए तक पहुंच गई।
इस दौरान महिला लगातार फोन पर संपर्क में रही और शादी का भरोसा देती रही। लेकिन 10 मार्च के बाद अचानक उसका मोबाइल बंद हो गया। यहीं से बुजुर्ग को एहसास हुआ कि वे एक बड़े ठगी गिरोह का शिकार हो चुके हैं।
बुजुर्ग की निजी जिंदगी भी इस मामले को और संवेदनशील बनाती है। उनकी पत्नी का निधन साल 2000 में कैंसर से हो चुका था और बच्चे अपने-अपने परिवार में व्यस्त हैं। ऐसे में अकेलेपन ने उन्हें इस तरह के जाल में फंसा दिया, जिसका फायदा ठगों ने पूरी तरह उठाया।
अब इस मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि ऑनलाइन रिश्तों और अनजान लोगों पर आंख बंद करके भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है—खासकर तब, जब बात पैसों की हो।