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रायपुर में सट्टे का तगड़ा नेटवर्क…:डिजिटल सिंडिकेट पकड़ से बाहर, 110 से ज्यादा साइट से रोज लग रहे दांव

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टी-20 वर्ल्डकप और आईपीएल के दौरान सट्टेबाजी का कारोबार तेज हो गया है। राज्य के सभी जिलों में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। रायपुर में अब तक 50 से ज्यादा सटोरियों को पकड़ा गया है। इनमें से अधिकांश को जमानत मिल चुकी है, लेकिन उनका नेटवर्क अब भी सक्रिय है। पुलिस से बचने के लिए सटोरिये गोवा, ओडिशा और कोलकाता में बैठकर नेटवर्क संचालित कर रहे हैं, ताकि स्थानीय पुलिस की पकड़ से दूर रह सकें। इस नेटवर्क में रोज करोड़ों रु. का दांव लग रहा है।

आईपीएल के 36 दिनों में रायपुर पुलिस ने 29 सटोरियों को गिरफ्तार किया है। वहीं महासमुंद, दुर्ग और बिलासपुर में भी रायपुर से जुड़े लोग पकड़े गए हैं। कार्रवाई के बावजूद नेटवर्क नहीं टूट रहा है। सीबीआई, ईडी, ईओडब्ल्यू और पुलिस की कार्रवाई के बाद भी महादेव सट्टा और उससे जुड़ा नेटवर्क जारी है। इसका डोमेन बदल गया है, लेकिन साइट और ऐप दोनों चल रहे हैं। रायपुर में फिलहाल 110 से ज्यादा साइट और एप सक्रिय हैं।

ये हैं सटोरियों के गिरोह और उनके सदस्य…आंकड़ों से समझें खेल

कोरी गिरोह : विक्रम राज कोरी के गिरोह में 5 लोग सीधे तौर पर जुड़े हैं, इनमें अख्तर मेमन, हर्ष नारवानी (बाबू), सागर पिंजानी, मयंक (छोटू) और प्रियांक सिंह शामिल हैं। ये है आईडी- (Allpanelexch.com)

सागर गिरोह: सागर पिंजानी गैंग में 6 सहयोगियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें रितिक, शुभम धुरंधर, बंटी उर्फ राजीव मलंग, कैलाश, रोहित और विशाल बेलानी शामिल हैं। (Power7777.com)

रितेश गिरोह: रितेश गोविन्दानी गिरोह में 5 लोग सक्रिय भूमिका में हैं, जिनमें बाबू बत्रा, सागर हेमनानी, जग्गी, कमलेश साहू और विकास के नाम शामिल हैं। ये सभी गिरोह के लिए काम करते हैं। (classicexch99.com)

अर्पित लोवंशी : इसके साथ तीन से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। (ramco777.com)

बाबू खेमानी का गिरोह): गुलशन खेमानी उर्फ बाबू के गिरोह में 5 प्रमुख नाम हैं, जिनमें करण खेमानी, ब्रह्मानंद खेमानी, दीनू मास्टर, बबन लालवानी और खान शामिल हैं। (3STUMPS247.com, diamondmaster.com)

कमल राघवानी गिरोह: कमल राघवानी गिरोह में 2 मुख्य साथीदार पियूष जैन और जित्तू सिंह जुड़े हुए हैं। फरार 6 आरोपी गिरोह के लिए खाता और सिम की व्यवस्था करते थे। (Classic7777.com)

गौरव सचदेवा का गिरोह: गौरव सचदेवा और दीपक के गिरोह में 3 लोग प्रमुख रूप से जुड़े हैं, जिनमें ऋषभ रंगलानी, ओम खेमानी और एक अन्य शामिल है। ये भी ​मदद करते थे। (Powerexch.com)

  1. केंद्र सरकार अब तक देश में लगभग 8,400 अवैध सट्टेबाजी-जुए की वेबसाइटों व ऐप्स को ब्लॉक कर चुकी है।
  2. अक्टूबर 2025 में नया कानून लागू होने के बाद से अब तक करीब 4,900 प्लेटफॉर्म हटाए जा चुके हैं।
  3. आईपीएल 2026 से ठीक पहले सरकार ने 300 नई अवैध सट्टेबाजी साइटों व एप्स को एक साथ ब्लॉक करने का आदेश दिया।
  4. 45 करोड़ लोग ऑनलाइन मनी गेम्स से प्रभावित हुए हैं, जिन्हें कुल मिलाकर 20,000 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है।
  5. 2026 में अवैध सट्टेबाजी का टर्नओवर 15 बिलियन डॉलर (करीब 1.25 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंचने का अनुमान है।

अब फ्री में बन रही है गैम्बलिंग साइट एआई के आने के बाद गैम्बलिंग साइट बनाना आसान हो गया है। ऐसे कई एप उपलब्ध हैं, जिनसे आसानी से सट्टेबाजी की साइट या ऐप तैयार किए जा सकते हैं। तकनीकी जानकारी न रखने वाले लोग भी 5 हजार से 50 हजार रुपए खर्च कर इसे बनवा रहे हैं।

यह ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म पर चलता है और गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं होता। इसे सीधे मोबाइल में एपीके फाइल के जरिए इंस्टॉल कराया जाता है और आईडी-पासवर्ड से एक्सेस किया जाता है। ऐसे प्लेटफॉर्म को ट्रेस करना आसान नहीं होता। हालांकि यह सुरक्षित नहीं होते और डेटा चोरी का खतरा बना रहता है।

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