इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण चुनावी नतीजों से जुड़ी राजनीतिक स्थिरता की उम्मीद मानी जा रही है। निवेशकों को लग रहा है कि आने वाले समय में नीतिगत फैसले और आर्थिक सुधारों में तेजी देखने को मिल सकती है, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ा है। यही वजह है कि सुबह से ही लगभग सभी सेक्टर्स में खरीदारी हावी रही और बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार किया।
अगर वैश्विक संकेतों पर नजर डालें, तो एशियाई बाजारों ने भी आज मजबूती दिखाई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 4% से ज्यादा उछला, जबकि जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंगसेंग भी हरे निशान में कारोबार करते दिखे। इससे भारतीय बाजार को भी सपोर्ट मिला और निवेशकों का सेंटिमेंट पॉजिटिव बना रहा।
हालांकि, पिछले कारोबारी दिन यानी 1 मई को अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला था। Dow Jones Industrial Average में गिरावट दर्ज की गई, जबकि Nasdaq Composite और S&P 500 में हल्की बढ़त रही। इसके बावजूद भारतीय बाजार पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा और घरेलू फैक्टर्स हावी रहे।
गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स 583 अंक टूटकर 76,913 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी भी 180 अंक गिरकर 23,998 के स्तर पर आ गया था। उस दिन आईटी सेक्टर में खरीदारी जरूर दिखी थी, लेकिन मेटल और सरकारी बैंकिंग शेयरों में तेज बिकवाली ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया था।
लेकिन आज की तेजी ने साफ कर दिया कि बाजार फिलहाल मजबूत संकेत दे रहा है और निवेशकों का भरोसा फिर से लौट रहा है। अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो आने वाले दिनों में बाजार नए रिकॉर्ड स्तर छू सकता है।