अगर घरेलू बाजार की बात करें, तो यहां भी Honda का प्रदर्शन काफी दमदार रहा है। अप्रैल 2026 में कंपनी ने भारत में 4.84 लाख यूनिट्स की बिक्री की, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 4.22 लाख यूनिट्स था। यानी घरेलू स्तर पर करीब 14.7% की ग्रोथ दर्ज की गई। यह साफ संकेत है कि भारतीय ग्राहकों का भरोसा Honda के स्कूटर्स और बाइक्स पर लगातार मजबूत हो रहा है। कंपनी का व्यापक प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और देशभर में फैला मजबूत डीलर नेटवर्क इस सफलता की सबसे बड़ी वजह बनकर उभरा है।
सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी Honda की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है। अप्रैल 2026 में कंपनी का एक्सपोर्ट 0.796 लाख यूनिट्स तक पहुंच गया, जो पिछले साल के 0.579 लाख यूनिट्स के मुकाबले 37.4% की जबरदस्त बढ़त है। यह ग्रोथ बताती है कि भारतीय प्लांट्स से बनने वाले Honda के टू-व्हीलर्स की मांग विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है और कंपनी ग्लोबल मार्केट में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है।
कंपनी के प्रेसिडेंट और CEO त्सुत्सुमु ओटानी ने इस प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए कहा कि Honda लगातार ग्राहकों के भरोसे को और मजबूत करने पर काम कर रही है। उनके मुताबिक, टू-व्हीलर मार्केट के हर सेगमेंट में इस समय मांग काफी मजबूत बनी हुई है और कंपनी बाजार के बदलते ट्रेंड्स के अनुसार तेजी से खुद को ढाल रही है। साथ ही, उनका फोकस सिर्फ ग्रोथ पर नहीं बल्कि सस्टेनेबल और लॉन्ग-टर्म विकास पर भी है।
Honda का 7000 से ज्यादा टचपॉइंट्स वाला विशाल नेटवर्क भी इस सफलता में अहम भूमिका निभा रहा है। कंपनी अपने डीलर पार्टनर्स के साथ मिलकर ग्राहकों को बेहतर सर्विस और एक्सपीरियंस देने के लिए लगातार काम कर रही है। सड़कों पर बढ़ती Honda की मौजूदगी इस बात का सबूत है कि कंपनी क्वालिटी, भरोसे और परफॉर्मेंस के दम पर बाजार में अपनी पकड़ लगातार मजबूत करती जा रही है।
कुल मिलाकर, अप्रैल 2026 के आंकड़े यह दिखाते हैं कि Honda न सिर्फ भारतीय बाजार में मजबूती से आगे बढ़ रही है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रही है।