Meta Pixel

बातचीत के विवाद ने ली जान, भाई को बचाने गया युवक बना हिंसा का शिकार

Spread the love

छत्तीसगढ़ के Bilaspur में एक मामूली बातचीत का विवाद इतनी बड़ी त्रासदी में बदल गया कि एक युवक की जान चली गई। सरकंडा इलाके में हुई इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। 22 वर्षीय अभिषेक यादव, जो बीए सेकंड ईयर का छात्र था, अपने छोटे चचेरे भाई को बचाने के लिए आगे आया था, लेकिन खुद हिंसा का शिकार बन गया।

घटना की शुरुआत एक युवती से बातचीत को लेकर हुए विवाद से हुई थी। अभिषेक के चचेरे भाई ओमप्रकाश की एक लड़की से दोस्ती थी, जिस पर मोहल्ले के कुछ युवकों को आपत्ति थी। पहले यह मामला बहस तक सीमित रहा, लेकिन धीरे-धीरे तनाव बढ़ता गया और शनिवार रात यह झगड़ा हिंसक रूप ले बैठा।

बताया जा रहा है कि करीब पांच युवकों ने ओमप्रकाश को घेरकर मारपीट शुरू कर दी। जब अभिषेक को इसकी जानकारी मिली, तो वह अपने भाई को बचाने के लिए मौके पर पहुंचा। लेकिन हालात इतने बिगड़ चुके थे कि हमलावरों ने उस पर भी हमला कर दिया। मुख्य आरोपी ने चापड़ से उसके गले पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा।

घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और दोस्तों ने दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने अभिषेक को मृत घोषित कर दिया। ओमप्रकाश का इलाज जारी है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। करीब 50 से ज्यादा लोगों ने थाने का घेराव कर न्याय की मांग की, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी आशीष सूर्यवंशी सहित अन्य आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है।

यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि छोटी-छोटी बातों पर बढ़ती हिंसा समाज को किस दिशा में ले जा रही है। एक मामूली विवाद ने एक परिवार से उसका बेटा छीन लिया और पूरे इलाके में डर और गुस्से का माहौल बना दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *