सेल–भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र (जेएलएनएचआरसी) में आमजन में जीवनरक्षक कौशल विकसित करने तथा आपातकालीन स्थितियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विगत दिनों में हैंड्स-ओनली सीपीआर (सीपीआर) प्रशिक्षण कार्यक्रम का सातवां सफल सत्र आयोजित किया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी(चिकिसा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. विनीता द्विवेदी के मार्गदर्शन एवं उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर एवं डॉ. उदय कुमार का सहयोग भी प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को हैंड्स-ओनली सीपीआर की सही तकनीक से प्रशिक्षित करना था, ताकि हृदयाघात (कार्डियेक अरेस्ट) की स्थिति में चिकित्सीय सहायता पहुँचने से पूर्व प्रभावी प्राथमिक सहायता प्रदान की जा सके।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को लाइव डेमो एवं व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से सीपीआर की प्रक्रिया सिखाई गई। इसमें प्रारंभिक लक्षणों की पहचान, त्वरित सहायता के लिए संपर्क करना तथा निरंतर छाती दबाव (चेस्ट कम्प्रेशन) के महत्व पर विशेष बल दिया गया, जिससे जीवन रक्षा की संभावनाओं को बढ़ाया जा सके।
एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. तनुजा, डॉ. निलेश तथा डीएनबी प्रशिक्षु डॉ. तीर्थ एवं डॉ. समर्थ द्वारा प्रशिक्षण का संचालन किया गया तथा प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया गया।
यह पहल जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय की सामुदायिक स्वास्थ्य, आपातकालीन तैयारी एवं निवारक स्वास्थ्य शिक्षा के प्रति सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि संस्थान द्वारा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन प्रत्येक माह के प्रथम कार्यदिवस पर नियमित रूप से किया जाता है, जिससे अधिक से अधिक लोगों को जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके।