Samsung Electronics ने टेक दुनिया में बड़ा इतिहास रच दिया है। साउथ कोरिया की इस दिग्गज टेक कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 95 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गई है। इसके साथ ही सैमसंग एशिया की दूसरी कंपनी बन गई है जिसने यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। इससे पहले केवल TSMC ही इस क्लब में शामिल थी।
कंपनी के शेयरों में पिछले एक साल के दौरान करीब 400 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक इसका सबसे बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI चिप्स की बढ़ती वैश्विक मांग है। बुधवार को कारोबार के दौरान सैमसंग के शेयरों में 15 प्रतिशत तक उछाल देखा गया, जिससे कंपनी का मार्केट कैप रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
सैमसंग की इस रैली का असर Kospi इंडेक्स पर भी दिखाई दिया। साउथ कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स 7,400 के स्तर के पार निकल गया। टेक सेक्टर में आई तेजी ने पूरे कोरियाई बाजार में उत्साह का माहौल बना दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि AI टेक्नोलॉजी के तेजी से विस्तार ने एशियाई चिप कंपनियों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। सैमसंग, SK Hynix और TSMC जैसी कंपनियां अब ग्लोबल AI इकोसिस्टम का सबसे अहम हिस्सा बन चुकी हैं। डेटा सेंटर, क्लाउड कंप्यूटिंग और AI सर्वर की बढ़ती जरूरतों ने मेमोरी और AI चिप्स की मांग को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है।
सिर्फ सैमसंग ही नहीं, बल्कि SK Hynix के शेयरों में पिछले एक महीने में 81 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई है। वहीं TSMC के शेयर भी 21 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ चुके हैं। निवेशकों का भरोसा लगातार चिप निर्माण कंपनियों की ओर बढ़ रहा है।
सैमसंग के सेमीकंडक्टर कारोबार में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। मार्च तिमाही में कंपनी के सेमीकंडक्टर डिवीजन का मुनाफा सालाना आधार पर 48 गुना तक बढ़ गया। कंपनी को AI आधारित डेटा सेंटर और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सेक्टर से भारी ऑर्डर मिल रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक Apple भी अमेरिका में अपने डिवाइसेज के लिए प्रोसेसर निर्माण को लेकर सैमसंग के साथ शुरुआती बातचीत कर रही है। यदि यह डील फाइनल होती है तो Apple की TSMC पर निर्भरता कम हो सकती है और सैमसंग को एक बड़ा रणनीतिक फायदा मिल सकता है।
टेक इंडस्ट्री में फिलहाल AI चिप्स को भविष्य की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है। ये खास प्रोसेसर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े भारी डेटा और जटिल कैलकुलेशन को तेजी से प्रोसेस करने के लिए बनाए जाते हैं। वहीं मेमोरी चिप्स डेटा स्टोरेज का काम करती हैं और इस क्षेत्र में सैमसंग दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी मानी जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI क्रांति के चलते आने वाले वर्षों में चिप कंपनियों की भूमिका और ज्यादा मजबूत होने वाली है, और सैमसंग इस रेस में सबसे आगे नजर आ रही है।