बिलासपुर – मंगलवार की शाम आए तूफान में उड़ी शहरी और ग्रामीण इलाकों की बिजली व्यवस्था बुधवार रात तक सुधर नहीं सकी। बिजली विभाग के अफसर शहर के कई इलाकों में 25 घंटे बाद भी बिजली चालू नहीं करा सके, हजारों घरों में रहने वाले लोग पसीना बहाते रहे। बिजली नहीं होने से शहरी और ग्रामीण इलाकों में पानी के लिए भी हाहाकार मचा रहा।
5 मई को शाम 6 बजे अचानक आए तूफान ने विद्युत वितरण विभाग के मेंटेंनेंस की पोल खोलकर रख दी। तूफान में सड़कों के किनारे सैकड़ों पेड़ टूटकर गिर गए, इससे बिजली के तार टूट गए, कई स्थानों पर खंभे भी टूट गए। शहर के मुख्य क्षेत्र सरकंडा, सरजू बगीचा, गोड़पारा,गोल बाजार, सदरबाजार, चांटापारा, राजेन्द्र नगर, सत्यम चौक, लिंक रोड, अग्रसेन चौक, तालापारा, मगरपारा, जरहाभाठा, मसानगंज, तेलीपारा सहित तोरवा के साथ रेलवे क्षेत्रों की कालोनी में पेड़ गिरने के कारण बिजली तार टूटने से बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ गई।
शहर और ग्रामीण एरिया में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त
कुछ देर बाद जोन के जूनियर इंजीनियर और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की टीम ने शहर और ग्रामीण एरिया में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करना शुरु किया। रात बजे तेलीपारा, बस स्टैंड, विद्या नगर, विनोबा नगर, करबला, जूना बिलासपुर, गोलबाजार, खपरगंज, गोड़पारा, वीआईपी क्षेत्र राजेन्द्र नगर, बिलासा गर्ल्स कॉलेज, सत्यम चौक सहित आसपास के क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था दुरुस्त कर लाइन शुरु करने से लोगों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन शहर के 27 खोली, मसानगंज, सकरी क्षेत्र की दर्जनों कालोनियों में बुधवार की रात तक बिजली चालू नहीं हो सकी थी।
ग्रामीण एरिया में टूटे पोल
मंगलवार को आई तेज हवाओं के कारण बिजली की व्यवस्था सबसे अधिक ग्रामीण एरिया में प्रभावित हुई। शाम 6 बजे से सीपत, सकरी, उसलापुर, कोटा, तखतपुर, गनियारी, बिल्हा इंडस्ट्रीयल एरिया तिफरा, यदुनंदन नगर के क्षेत्र और कानन पेंडारी के आसपास के क्षेत्र, मस्तूरी व अन्य गांव में 25 से अधिक बिजली के तार सहित पोल क्षतिग्रस्त हो गए। बारिश के साथ अंधेरा होने की वजह से बिजली विभाग के अफसर और स्टाफ ने क्षतिग्रस्त हुए खंभों और तार को बदलना जरूरी नहीं समझा। बुधवार को दूसरे दिन सुबह से शाम तक बिजली बंद होने के कारण कालोनी और ग्रामीण एरिया के लोग हलाकान होते रहे।
शहर का रहा बुरा हाल
सरकंडा के अशोक नगर क्षेत्र, मोपका, राजकिशोर नगर, शहर के बीच गोल बाजार, सरजू बगीचा, मसानगंज, सहगल गली, कुदुदण्ड, 27 खोली, मंगला, सिविल लाइन के क्षेत्र, बृहस्पति बाजार, चांटापारा, तालापारा, मगरपारा सहित अन्य स्थानों पर 25 घंटे से अधिक बिजली बंद के कारण लोगों के घर में अंधेरा छाया रहा। बिजली बंद की वजह से लोगों के मोबाइल भी बंद हो गए। वहीं सबसे बड़ी समस्या पानी की भी उठानी पड़ी।
सैकड़ों पेड़ गिरे थे
विद्युत वितरण केन्द्र मर्यादित सिटी सर्किल के अधीक्षण यंत्री श्रीनिवास राजू ने बताया कि, तूफान के कारण शहर और आसपास के क्षेत्रों में सैकड़ों पेड़ और उसकी डंगाल बिजली के तार पर गिर गई थी। तेज हवा के कारण पोल भी क्षतिग्रस्त हो गए। तत्काल इंजीनियर और स्टाफ को गाड़ी लेकर रवाना होने का आदेश दिया गया। कई स्थानों में काफी दिक्कतें हुई, लेकिन देर रात तक चालू कर दिया गया। वहीं बचे हुए स्थान पर दूसरे दिन शाम तक बिजली व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त कर ली गई है।