सीतापुर। छत्तीसगढ़ के सीतापुर क्षेत्र में सक्रिय अंतर्राज्यीय लकड़ी तस्करों का आतंक अब ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। यूपी से आए तस्कर और उनके गुर्गे निजी जमीनों पर लगे पेड़ों की अवैध कटाई कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि, विरोध करने वाले ग्रामीणों को धमकी, मारपीट और जान से मारने तक की धमकियां दी जा रही हैं। लगातार बढ़ रही घटनाओं से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लकड़ी तस्करों का आतंक, ग्रामीण परेशान
सीतापुर क्षेत्र में लकड़ी की अवैध कटाई और तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही है। क्षेत्र में सक्रिय अंतर्राज्यीय लकड़ी तस्कर बिना अनुमति निजी जमीनों पर लगे पेड़ों की कटाई कर उन्हें पड़ोसी राज्यों में खपाकर मोटी कमाई कर रहे हैं। अवैध कारोबार को सुचारु रूप से चलाने के लिए तस्करों ने गांव-गांव में अपने गुर्गे तैनात कर रखे हैं, जो भोलेभाले ग्रामीणों को झांसे में लेकर औने-पौने दाम में पेड़ खरीद लेते हैं। वहीं, जो ग्रामीण अपने पेड़ बेचने से मना करते हैं, उन्हें धमकाया जाता है। कई मामलों में तस्कर बिना जानकारी दिए ही पेड़ों की कटाई करवा देते हैं।
पेड़ काटकर चंपत, ग्रामीण परेशान
ऐसा ही मामला ग्राम रायकेरा के केनापारा निवासी मेघनाथ राम के साथ सामने आया है। बताया जा रहा है कि, करुमहुआ स्थित उनकी पुश्तैनी जमीन पर दशकों पुराना सेमल का पेड़ लगा हुआ था, जिसे उन्होंने घरेलू उपयोग के लिए सुरक्षित रखा था। आरोप है कि, सप्ताह भर पहले अंतर्राज्यीय लकड़ी तस्करों के गुर्गों ने प्रशासनिक अनुमति के बिना पेड़ कटवा दिया। इतना ही नहीं, पेड़ कटाई से पहले भूस्वामी को इसकी जानकारी देना भी उचित नहीं समझा गया।
तस्करों की धमकी, ग्रामीण ने की कार्रवाई की मांग
जब मेघनाथ राम को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने इसका विरोध किया। आरोप है कि, पहले तस्करों ने उन्हें पैसों का लालच दिया, लेकिन जब बात नहीं बनी तो धमकी देने लगे। इसके बावजूद मेघनाथ राम पीछे नहीं हटे और उन्होंने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपते हुए पेड़ कटाई की अनुमति पर रोक लगाने तथा संबंधित लकड़ी तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों में जमकर आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि, क्षेत्र में लकड़ी तस्करों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है और प्रशासनिक कार्रवाई के अभाव में इनके हौसले बुलंद हैं। लोगों ने चेतावनी दी है कि, यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों का आक्रोश किसी दिन बड़ा रूप ले सकता है। इस मामले में एसडीएम फागेश सिन्हा ने कहा कि सूचना मिलने पर मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।