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धमतरी में अनाज भंडारण व्यवस्था मजबूत : 4 नए गोदामों को मिली मंजूरी, 97 हजार क्विंटल चना खरीदी का रिकॉर्ड

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धमतरी। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल और भारत सरकार की विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में धमतरी जिला लगातार उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज कर रहा है। जिले की चार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) को एनसीसीएफ रायपुर द्वारा गोदाम हायरिंग एश्योरेंस लेटर जारी किए गए हैं, जिससे जिले में चना भंडारण और खरीदी व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

4 पैक्स में मजबूत होगी भंडारण व्यवस्था
योजना के तहत पैक्स अंवरी, कोसमर्रा, आमदी (पोटियाडीह) और भखारा (कोलियारी) में आधुनिक भंडारण व्यवस्था विकसित की जाएगी। प्रत्येक गोदाम में 2500 मीट्रिक टन चना भंडारण क्षमता सुनिश्चित की जा रही है। इससे किसानों की उपज को सुरक्षित रखने और खाद्यान्न की बर्बादी रोकने में मदद मिलेगी।

चना खरीदी में धमतरी ने बनाया नया रिकॉर्ड
धमतरी जिले में अब तक 97 हजार क्विंटल चने की खरीदी की जा चुकी है, जबकि प्रारंभिक लक्ष्य 1 लाख क्विंटल तय किया गया था। लक्ष्य के करीब पहुंचने के बावजूद खरीदी प्रक्रिया लगातार जारी है और आवश्यकता अनुसार इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। विशेष बात यह है कि पूरे छत्तीसगढ़ में खरीदे गए कुल चने का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा अकेले धमतरी जिले से खरीदा गया है। यह उपलब्धि जिले की कृषि क्षमता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की दक्षता को दर्शाती है।

प्रशासनिक तैयारियां भी तेज
योजना के संचालन को सुचारू बनाने के लिए एग्रीमेंट की प्रतियां, एमओयू और अन्य जरूरी दस्तावेज संबंधित अधिकारियों को भेज दिए गए हैं। साथ ही एनसीसीएफ मुख्यालय नई दिल्ली के साथ पैक्स एवं आरसीएस अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक आयोजित करने की तैयारी भी की जा रही है, ताकि जमीनी स्तर की समस्याओं और शंकाओं का समाधान किया जा सके।

किसानों को मिलेगा बेहतर लाभ
भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य सहकारी समितियों के माध्यम से गांव स्तर पर गोदाम, प्रोसेसिंग यूनिट और कस्टम हायरिंग सेंटर विकसित करना है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और वैज्ञानिक भंडारण व्यवस्था के जरिए नुकसान कम किया जा सकेगा।

कलेक्टर ने कही यह बात
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी जिले ने चना खरीदी और भंडारण व्यवस्था में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि किसानों की सक्रिय भागीदारी, सहकारी समितियों की मेहनत और प्रशासन की सतत निगरानी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास किसानों को बेहतर बाजार और सुरक्षित भंडारण सुविधा उपलब्ध कराना है।

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