अंबिकापुर के महामाया पहाड़ रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार सुबह वन विभाग की टीम भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ डबरीपानी इलाके में पहुंची, जहां अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान कई मकानों को खाली कराया गया और अवैध निर्माण तोड़ने का काम शुरू हुआ।
वन विभाग के अनुसार रिजर्व फॉरेस्ट के रूप में चिन्हित महामाया पहाड़ के कक्ष क्रमांक 2581 और 2582 में कुल 157 लोगों को अवैध कब्जा हटाने के लिए मार्च 2026 में अंतिम नोटिस जारी किया गया था। नोटिस की अवधि 27 मार्च को समाप्त हो चुकी थी, लेकिन उसके बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया। इसके बाद मामला राजनीतिक स्तर तक पहुंचा और शिकायत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तक पहुंची। अब प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सबसे पहले कार्रवाई डबरीपानी क्षेत्र में की जा रही है, जहां 54 लोगों को अंतिम बेदखली नोटिस जारी किया गया था। हालांकि इनमें से कुछ लोगों ने हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर हासिल कर लिया है, इसलिए फिलहाल उन्हें कार्रवाई से अलग रखा गया है। बाकी चिन्हित कब्जाधारियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई जारी है।
गुरुवार रात वन विभाग के कर्मचारी डबरीपानी पहुंचे थे और घरों पर अंतिम नोटिस चस्पा किए गए थे। शुक्रवार सुबह फॉरेस्ट एसडीओ श्वेता कम्बोज के नेतृत्व में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद लोगों को सामान हटाने के लिए कहा गया और फिर मकानों को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए इलाके की निगरानी बढ़ा दी है।
भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने आरोप लगाया कि वन विभाग ने कार्रवाई करने में काफी देरी की। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 में ही बेदखली नोटिस की अवधि समाप्त हो गई थी और पुलिस बल उपलब्ध होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी।
पार्षद का दावा है कि रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन पर दूसरे राज्यों से आए कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब प्रशासन सक्रिय हुआ है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है।
वन विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जिन लोगों को अदालत से राहत नहीं मिली है, उनके अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। एसडीओ श्वेता कम्बोज ने बताया कि डबरीपानी, नवागढ़ और महामाया पहाड़ क्षेत्र के सभी चिन्हित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को हाईकोर्ट से स्टे मिला है, उनके मामलों को फिलहाल अलग रखा गया है, लेकिन बाकी अवैध कब्जों को हटाने का अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि रिजर्व फॉरेस्ट की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कर संरक्षित करना जरूरी है और इसके लिए आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।