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छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग पर उग्र हुई NSUI, CM हाउस घेराव के दौरान पुलिस से झड़प और पथराव

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NSUI द्वारा छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर रायपुर में किया गया प्रदर्शन गुरुवार को उग्र हो गया। मुख्यमंत्री निवास घेरने निकले एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की, झूमाझटकी और तनाव की स्थिति बनी रही। हालात तब बिगड़ गए जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ने के बाद पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

प्रदर्शन के लिए एनएसयूआई कार्यकर्ता दोपहर में जनसंपर्क कार्यालय और महिला थाना चौक के पास एकत्र हुए थे। यहां करीब एक घंटे तक नेताओं के भाषणों का दौर चला, जिसके बाद कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे। प्रशासन ने प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रेस क्लब से लेकर बंजारी बाबा चौक तक कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी।

हालांकि प्रदर्शनकारी लगातार आगे बढ़ते रहे और तीन लेयर की बैरिकेड्स तोड़ दीं। इसके बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में लेना शुरू किया। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ता उग्र हो गए और पुलिस पर पत्थर फेंकने लगे। इस झड़प में कई पुलिसकर्मियों को चेहरे और शरीर पर चोटें आईं। मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा।

करीब रात 8 बजे के आसपास प्रदर्शन समाप्त हुआ। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच लगातार तनातनी देखने को मिली। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी धक्का-मुक्की के दौरान चोटें आईं और कुछ के कपड़े तक फट गए।

प्रदर्शन में शामिल विनोद जाखड़ ने सरकार पर छात्र हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव लंबे समय से बंद हैं और युवाओं को रोजगार के अवसर भी नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने सरकार से छात्रसंघ चुनाव तत्काल बहाल करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग की।

इस प्रदर्शन में कांग्रेस और युवा कांग्रेस के कई बड़े नेता भी शामिल रहे। इनमें देवेन्द्र यादव, विकास उपाध्याय, एजाज ढेबर, आकाश शर्मा, गुलाब कामरो और नीरज पांडेय सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रदर्शन के दौरान संगठन के भीतर शक्ति प्रदर्शन भी खुलकर देखने को मिला। दरअसल, विनोद जाखड़ पहली बार छत्तीसगढ़ पहुंचे थे। एयरपोर्ट से लेकर प्रदर्शन स्थल तक विभिन्न गुटों ने अपने समर्थकों की भीड़ जुटाकर ताकत दिखाने की कोशिश की। स्वागत के दौरान उन्हें क्रेन से विशाल माला पहनाई गई।

प्रदेशभर से करीब हजार कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। बड़ी संख्या में मौजूद भीड़ और अलग-अलग गुटों के शक्ति प्रदर्शन के कारण स्थिति और ज्यादा आक्रामक होती चली गई। पुलिस प्रशासन को हालात नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।

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