8वां केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चल रही चर्चा अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है। रक्षा मंत्रालय और रेलवे कर्मचारियों के लिए अगले हफ्ते बड़ी बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें वेतन बढ़ोतरी, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। यह बैठक 13 और 14 मई को नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी।
माना जा रहा है कि इन बैठकों के बाद 8वें वेतन आयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण संकेत सामने आ सकते हैं। खास बात यह है कि आयोग सीधे कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनर्स से सुझाव लेने जा रहा है, ताकि भविष्य की सिफारिशों में उनकी मांगों को शामिल किया जा सके।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार रेल मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय से जुड़े दिल्ली-पंजीकृत संस्थान, यूनियन और कर्मचारी संगठन इन बैठकों में हिस्सा ले सकेंगे। जो संगठन अपनी बात आयोग के सामने रखना चाहते हैं, उन्हें 10 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
आवेदन प्रक्रिया के लिए इच्छुक संगठनों को NIC Forms Portal के जरिए अपॉइंटमेंट के लिए आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान मेमोरेंडम जमा करते समय प्राप्त ‘Memo ID’ देना भी जरूरी रहेगा। आयोग केवल शॉर्टलिस्ट किए गए प्रतिभागियों को बैठक का समय और स्थान बताएगा।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में दिल्ली में ऐसी और बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनकी जानकारी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर साझा की जाएगी। यानी अभी परामर्श प्रक्रिया का यह सिर्फ शुरुआती चरण माना जा रहा है।
नई दिल्ली में होने वाली ये बैठकें इसलिए भी अहम मानी जा रही हैं क्योंकि रेलवे और रक्षा क्षेत्र के कर्मचारी पहली बार अपनी समस्याएं और मांगें सीधे आयोग के सामने रख सकेंगे। कर्मचारी संगठन वेतन संरचना, फिटमेंट फैक्टर, महंगाई भत्ते, पेंशन लिमिट और सेवा शर्तों में बदलाव को लेकर अपने प्रस्ताव देंगे। माना जा रहा है कि यही सुझाव आगे चलकर वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों का आधार बन सकते हैं।
केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। आयोग का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी, भत्तों और पेंशन संरचना में बदलाव को लेकर सिफारिशें तैयार करना है। फिलहाल आयोग मेमोरेंडम जमा करने और विभिन्न हितधारकों से चर्चा करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
विशेषज्ञों के मुताबिक आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को गठन के लगभग 18 महीने बाद सौंप सकता है। इससे पहले सभी कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनर्स समूहों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी।
इससे पहले 28 अप्रैल 2026 को आयोग और National Council–Joint Consultative Machinery यानी NC-JCM के बीच पहली औपचारिक बैठक हुई थी। इसे 8वें वेतन आयोग की परामर्श प्रक्रिया की शुरुआत माना गया। इस बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के भत्तों तथा सेवा शर्तों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
इसी बीच केंद्र सरकार ने अप्रैल महीने में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते यानी DA और पेंशनर्स के महंगाई राहत यानी DR में 2 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। इस फैसले से सरकार पर करीब 6,791 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ आएगा। फिलहाल कर्मचारियों को 58 प्रतिशत की दर से DA मिल रहा है।
सरकार के अनुसार इस फैसले का फायदा 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख से अधिक पेंशनर्स को मिलेगा। यह संशोधन 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत तय फॉर्मूले के अनुसार लागू किया गया है।
अब कर्मचारियों की नजर 8वें वेतन आयोग की आगामी बैठकों पर टिकी है, क्योंकि इन्हीं चर्चाओं के आधार पर भविष्य में वेतन और पेंशन से जुड़े बड़े फैसले तय हो सकते हैं।