विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के लिए चलाए जा रहे पीएम जनमन अभियान के तहत छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल करने का दावा किया है। प्रदेशभर में अब तक 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि करीब 21 हजार मकानों का निर्माण पूरा भी हो चुका है। सरकार का कहना है कि जिन पात्र परिवारों का नाम पहले सर्वे में शामिल नहीं हो पाया था, उन्हें अब दोबारा सर्वे के जरिए योजना से जोड़ा जा रहा है।
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें एक विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार को आवास योजना का लाभ नहीं मिलने का दावा किया गया था। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और पूरे मामले की जांच कराई गई। इस पर जिला पंचायत गरियाबंद के सीईओ प्रखर चंद्राकर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि संबंधित परिवार लंबे समय तक ओडिशा में रह रहा था, इसलिए उसका नाम पहले हुए सर्वे में दर्ज नहीं हो पाया।
प्रशासन के अनुसार वर्ष 2011, 2018 और 2024 में हुए सर्वे के दौरान परिवार छत्तीसगढ़ में स्थायी रूप से निवास नहीं कर रहा था। इसी वजह से उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। हालांकि अब परिवार के गांव लौटने के बाद पीएम जनमन योजना के तहत उनका नया सर्वे पूरा कर लिया गया है और जल्द ही आवास स्वीकृत करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
राज्य सरकार ने केंद्र से विशेष अनुमति लेकर ऐसे सभी पात्र परिवारों का दोबारा सर्वे शुरू कराया है, जो किसी कारणवश पहले सूची में शामिल नहीं हो सके थे। प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और सर्वे पूरा होते ही पात्र हितग्राहियों को तत्काल योजना का लाभ दिया जाएगा।
प्रशासन ने यह भी बताया कि संबंधित परिवार के पास राशन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज मौजूद नहीं थे। ऐसे में समाधान शिविर के दौरान मौके पर ही उनका राशन कार्ड और मनरेगा जॉब कार्ड बनवाया गया। साथ ही आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि परिवार को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ भी मिल सके।
जिला प्रशासन का कहना है कि विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के कई परिवार दूर-दराज और वन क्षेत्रों में निवास करते हैं। इसी वजह से कई बार सर्वे के दौरान कुछ परिवार छूट जाते हैं। ऐसे में लगातार नए सर्वे और शिविरों के जरिए पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ने का काम किया जा रहा है।
सरकार का दावा है कि पीएम जनमन अभियान के जरिए विशेष पिछड़ी जनजातियों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी पात्र परिवार को योजना के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा और सभी को नियमानुसार आवास सहित अन्य सरकारी योजनाओं का फायदा मिलेगा।