प्रधानमंत्री Narendra Modi की एक अपील का असर सोमवार को सीधे शेयर बाजार पर दिखाई दिया। देशवासियों से कुछ समय तक सोना खरीदने और गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं से बचने की सलाह के बाद ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। बाजार खुलते ही निवेशकों ने तेजी से मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिसके चलते कई बड़े ज्वेलरी स्टॉक्स 10 फीसदी तक टूट गए।
हैदराबाद के परेड ग्राउंड में आयोजित एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल और उर्वरकों की कीमतों में तेजी आई है। इससे देश पर विदेशी मुद्रा का दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि देशहित में कुछ समय तक सोने की खरीद और गैर-जरूरी विदेश यात्राओं को टालें ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके।
प्रधानमंत्री के इस बयान का असर अगले ही कारोबारी दिन बाजार में साफ नजर आया। Titan Company Ltd का शेयर करीब 7 प्रतिशत तक टूट गया और यह निफ्टी का सबसे ज्यादा गिरने वाला शेयर बन गया। दिलचस्प बात यह रही कि इससे ठीक पहले कंपनी का शेयर अपने ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंचा था। मार्च तिमाही में शानदार नतीजे आने के बावजूद निवेशकों ने तेजी से बिकवाली शुरू कर दी।
सिर्फ टाइटन ही नहीं, बल्कि पूरे ज्वेलरी सेक्टर में दबाव देखने को मिला। Senco Gold Ltd, Kalyan Jewellers India Ltd और PC Jeweller Ltd जैसे शेयरों में भी 5 से 10 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में घबराहट का असर व्यापक रहा और सेंसेक्स करीब 1000 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी भी बड़ी गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की अपील का असर आने वाले शादी और त्योहारों के सीजन पर पड़ सकता है। बोनांजा की रिसर्च एनालिस्ट खुशी मिस्त्री के अनुसार, अगर लोग कुछ समय तक सोने की खरीद टालते हैं तो ज्वेलरी कंपनियों की मांग पर दबाव बन सकता है। हालांकि भारत में सोना केवल निवेश का साधन नहीं बल्कि परंपरा और सामाजिक संस्कृति का हिस्सा भी है, इसलिए लंबे समय में इसका असर सीमित रह सकता है।
दरअसल सरकार की चिंता बढ़ते चालू खाते के घाटे और महंगे कच्चे तेल को लेकर है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से तेल आयात महंगा हो रहा है, जिसका सीधा असर देश की विदेशी मुद्रा पर पड़ रहा है। ऐसे में सरकार विदेशी मुद्रा बचाने के लिए लोगों से संयम बरतने की अपील कर रही है। इसका असर ज्वेलरी, एयर ट्रैवल, होटल और पेट्रोलियम जैसे सेक्टर्स पर भी देखने को मिल सकता है।
हालांकि बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के बावजूद कई ब्रोकरेज हाउस अब भी ज्वेलरी कंपनियों को लेकर सकारात्मक नजर आ रहे हैं। उनका मानना है कि सोने की ऊंची कीमतें और कंपनियों के स्थिर मार्जिन आने वाले समय में उनकी कमाई को मजबूत बनाए रख सकते हैं। यही वजह है कि लंबी अवधि के निवेशकों की नजर अब भी इस सेक्टर पर बनी हुई है।