सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने इस्पात निर्माण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए स्टील लैडल लाइफ में नया इतिहास रचा है। संयंत्र ने सिलिकॉन किल्ड स्टील में अब तक की सर्वश्रेष्ठ 153 हीट्स की स्टील लैडल लाइफ प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि पूर्व में एसएमएस-3 द्वारा स्थापित 148 हीट्स के रिकॉर्ड को पार करती है, साथ ही भिलाई इस्पात संयंत्र के इतिहास की सर्वाधिक लैडल लाइफ के रूप में भी दर्ज हुई है।
यह उल्लेखनीय उपलब्धि रिफ्रैक्टरी इंजीनियरिंग विभाग, एसएमएस-3 विभाग तथा सेल रिफ्रैक्टरी कंपनी लिमिटेड, सेलम (एसआरसीएल) के उत्कृष्ट समन्वय, तकनीकी दक्षता एवं सामूहिक प्रयासों का प्रतिफल है। रिफ्रैक्टरी ब्रिक्स की गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति एवं प्रभावी एप्लीकेशन में एसआरसीएल की भूमिका इस सफलता में अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि को मुख्य महाप्रबंधक (रिफ्रैक्टरी) श्री प्रोसेनजीत दास एवं मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस-3) श्री त्रिभुवन बैठा के कुशल नेतृत्व, सतत मार्गदर्शन एवं निरंतर प्रोत्साहन में प्राप्त किया गया। उनके रणनीतिक निर्देशन एवं निकट निगरानी ने इस उपलब्धि को संभव बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
रिफ्रैक्टरी से संबंधित कार्यों एवं तकनीकी निष्पादन का नेतृत्व सेक्शन प्रभारी एवं सहायक महाप्रबंधक (आरईडी) श्री मोहम्मद साबिर द्वारा किया गया। उनके साथ सहायक महाप्रबंधक (आरईडी) श्री जे. आर. मारकंडे एवं उप प्रबंधक (आरईडी) श्री हर्ष वर्धन सिंह ने निरंतर मॉनिटरिंग, वैज्ञानिक रिफ्रैक्टरी प्रबंधन, समयानुकूल तकनीकी सुधार एवं समर्पित प्रयासों के माध्यम से लैडल लाइफ को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई।
संचालन पक्ष में महाप्रबंधक (एसएमएस-3) श्री हिमांशु भूषण मलिक एवं उप महाप्रबंधक (एसएमएस-3) श्री मोहम्मद जावेद अंसारी के नेतृत्व में उत्कृष्ट प्रक्रिया नियंत्रण, अनुशासित संचालन एवं बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया गया, जिसने इस रिकॉर्ड उपलब्धि में अहम योगदान दिया।
एसआरसीएल द्वारा रिफ्रैक्टरी ब्रिक्स की गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति, कुशल एप्लीकेशन, समयबद्ध निष्पादन एवं तकनीकी सहयोग ने लैडल प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्लांट टीमों के साथ उनके घनिष्ठ समन्वय एवं प्रतिबद्धता ने इस उपलब्धि को साकार करने में विशेष योगदान दिया।
153 हीट्स की यह रिकॉर्ड लैडल लाइफ सभी संबंधित टीमों के अथक परिश्रम, सतत मॉनिटरिंग, बेहतर समन्वय एवं उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का प्रतिफल है। विशेष रूप से यह उपलब्धि पूर्ण सुरक्षा एवं शून्य दुर्घटना के साथ हासिल की गई, जो सभी टीमों की सुदृढ़ सुरक्षा संस्कृति एवं सुरक्षित कार्य प्रणाली के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।