Punjab Kings ने आईपीएल 2026 की शुरुआत बेहद शानदार अंदाज में की थी। शुरुआती सात मुकाबलों में टीम ने छह जीत दर्ज कर खुद को खिताब का मजबूत दावेदार साबित किया था। लेकिन अब वही पंजाब किंग्स लगातार चार हार के बाद मुश्किलों में घिर चुकी है। प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए अब टीम को हर मैच जीतना बेहद जरूरी हो गया है।
गुरुवार को धर्मशाला में पंजाब का सामना Mumbai Indians से होगा। यह मुकाबला पंजाब के लिए किसी फाइनल से कम नहीं माना जा रहा। जीत मिलने पर टीम अंक तालिका में तीसरे स्थान तक पहुंच सकती है, लेकिन अगर हार मिली तो प्लेऑफ की राह और कठिन हो जाएगी।
पंजाब की सबसे बड़ी कमजोरी इस समय उसकी गेंदबाजी और खराब फील्डिंग बन चुकी है। शुरुआती मैचों में जहां बल्लेबाजों ने टीम को लगातार जीत दिलाई, वहीं अब टॉप ऑर्डर रन बनाने में संघर्ष कर रहा है। दूसरी ओर गेंदबाज डेथ ओवरों में लगातार महंगे साबित हो रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि पंजाब के नाम टी-20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा 200 से अधिक रन के लक्ष्य का सफल पीछा करने का रिकॉर्ड है। टीम अब तक 10 बार 200+ लक्ष्य हासिल कर चुकी है। लेकिन इसके उलट उसके नाम सबसे ज्यादा बार 200 से अधिक स्कोर डिफेंड करने में नाकाम रहने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। पंजाब नौ बार 200+ स्कोर बचाने में असफल रही है।
फील्डिंग ने भी टीम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस सीजन पंजाब ने सबसे ज्यादा 18 कैच छोड़े हैं। Shashank Singh अकेले पांच कैच टपका चुके हैं, जो इस सीजन किसी भी खिलाड़ी द्वारा सबसे ज्यादा हैं।
डेथ ओवरों में पंजाब की गेंदबाजी लगातार सवालों के घेरे में रही है। लगातार चार हार के दौरान टीम ने आखिरी ओवरों में 14 की इकॉनमी से रन लुटाए हैं। कई गेंदबाज 10 से ज्यादा की इकॉनमी से रन दे चुके हैं, जिससे टीम का संतुलन बिगड़ता नजर आ रहा है।
दूसरी तरफ Mumbai Indians भले ही प्लेऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो चुकी हो, लेकिन टीम अब बिना किसी दबाव के खेल रही है। यही बात पंजाब के लिए खतरा बन सकती है क्योंकि मुंबई के खिलाड़ी अब खुलकर आक्रामक क्रिकेट खेल रहे हैं।
पंजाब के लिए Arshdeep Singh की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है। धर्मशाला की पिच तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है और ऐसे में टीम को उनसे शुरुआती विकेट की उम्मीद होगी।
वहीं मुंबई की ओर से Rohit Sharma शानदार फॉर्म में हैं। चोट से वापसी के बाद उन्होंने छह मैचों में 243 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 177 से ज्यादा रहा है। खासकर तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनका आक्रामक अंदाज पंजाब की चिंता बढ़ा सकता है।
धर्मशाला में पिछले मुकाबले में सभी 39 ओवर तेज गेंदबाजों ने डाले थे और स्पिनरों को एक भी ओवर नहीं मिला था। ऐसे में माना जा रहा है कि इस मैच में भी तेज गेंदबाजों का दबदबा देखने को मिलेगा और वही मुकाबले का परिणाम तय कर सकते हैं।