केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी साई भगीरथ ने POCSO एक्ट से जुड़े एक गंभीर मामले में साइबराबाद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इससे पहले पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था, ताकि वे देश छोड़कर बाहर न जा सकें। इस मामले ने तेलंगाना की राजनीति और कानूनी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
बंदी संजय कुमार ने क्या कहा?
बंदी संजय कुमार ने बयान जारी करते हुए कहा कि उन्होंने अपने बेटे को वकील के माध्यम से जांच एजेंसी के सामने पेश किया है। उन्होंने कहा कि कानून की नजर में सभी समान हैं और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
मंत्री ने यह भी कहा कि उनके बेटे का दावा है कि उसने कोई गलत काम नहीं किया। उन्होंने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद परिवार ने सभी सबूत अपनी लीगल टीम को सौंप दिए थे और कानूनी सलाह के बाद सरेंडर की प्रक्रिया पूरी की गई।
क्या है पूरा मामला?
साइबराबाद पुलिस ने 8 मई 2025 को 17 वर्षीय नाबालिग लड़की की मां की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) और POCSO एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि भगीरथ ने नाबालिग लड़की से शादी का वादा कर उसका भरोसा जीता और बाद में उसका यौन शोषण किया। लड़की के बयान दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले में POCSO एक्ट की और सख्त धाराएं भी जोड़ दीं।
भगीरथ ने भी दर्ज कराई शिकायत
भगीरथ ने इस मामले में जवाबी शिकायत भी दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि लड़की का परिवार उन पर शादी का दबाव बना रहा था। उन्होंने दावा किया कि परिवार ने पहले 50 हजार रुपये लिए और बाद में 5 करोड़ रुपये की मांग की। साथ ही धमकी भी दी गई कि पैसे नहीं देने पर लड़की की मां आत्महत्या कर सकती है।
पुलिस ने उनकी शिकायत पर भी अलग FIR दर्ज कर ली है और दोनों पक्षों के दावों की जांच की जा रही है।
हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत
इससे पहले तेलंगाना हाई कोर्ट ने भगीरथ की अंतरिम अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी से राहत देने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि फिलहाल इस स्तर पर कोई अंतरिम सुरक्षा नहीं दी जा सकती।
राजनीतिक विवाद भी बढ़ा
मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। तेलंगाना की पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बंदी संजय कुमार को केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मंत्री का पद छोड़ना जरूरी है।
फिलहाल जांच जारी
वर्तमान में बंदी साई भगीरथ पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस डिजिटल सबूतों, दोनों पक्षों की शिकायतों और नाबालिग लड़की के बयान की जांच कर रही है। पूरा मामला फिलहाल अदालत और जांच एजेंसियों के अधीन है।