देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी 2026’ में मचे देशव्यापी घमासान और आक्रोश के बीच जांच एजेंसियों ने उस मुख्य चेहरे को बेनकाब कर दिया है, जिसने सीधे सिस्टम के भीतर रहकर ही पूरी परीक्षा की शुचिता का सौदा कर दिया।
सीबीआई की तफ्तीश में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि प्रश्नपत्र किसी बाहरी हैकर या तस्कर ने नहीं, बल्कि एनटीए की ही विषय विशेषज्ञ और सीनियर प्रोफेसर मनीषा गुरुनाथ मंडारे ने लीक किया था। इस खुलासे ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और गोपनीयता पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
मनीषा मंडारे का प्रोफाइल और शैक्षणिक पृष्ठभूमि
मनीषा गुरुनाथ मंडारे महाराष्ट्र के पुणे की एक सीनियर और बेहद अनुभवी बॉटनी की शिक्षिका हैं। वह पुणे के शिवाजीनगर इलाके में स्थित प्रतिष्ठित ‘मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स’ में बॉटनी विभाग में सीनियर लेक्चरर के रूप में लंबे समय से कार्यरत थीं। शिक्षा जगत से जुड़े होने और लंबे अध्यापन अनुभव के कारण उन्हें अकादमिक हलकों में काफी सम्मानजनक नजरों से देखा जाता था।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से रहा है पुराना और गहरा नाता
जांचकर्ताओं से मिले इनपुट्स के मुताबिक, मनीषा मंडारे पिछले लगभग 5 से 6 वर्षों से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के साथ बेहद गोपनीय और उच्च स्तरीय अकादमिक कार्यों में सहयोग कर रही थीं। नीट-यूजी 2026 परीक्षा के लिए भी एनटीए ने उनकी इसी वरिष्ठता और लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें बतौर विषय विशेषज्ञ अपनी कोर टीम में शामिल किया था। इसी विशेष और अत्यंत गोपनीय पद के कारण परीक्षा के वास्तविक बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक उनकी शत-प्रतिशत और सीधी पहुंच बनी हुई थी।
सीक्रेट क्लास मे लीक किया पेपर
पूछताछ में मनीषा मंडारे द्वारा पेपर लीक करने की सुनियोजित तरीकों का पर्दाफाश हुआ है। आरोप है कि उन्होंने अप्रैल 2026 के दौरान ही इस रैकेट के अन्य स्थानीय एजेंटों और बिचौलियों के साथ मिलकर उन नीट अभ्यर्थियों की पहचान की, जो प्रश्नपत्र के लिए मोटी रकम देने को तैयार थे। इसके बाद मनीषा ने इन चुनिंदा छात्रों को पुणे स्थित अपने निजी आवास पर बुलाया और वहां एक ‘ स्पेशल क्लास’ चलाया।
इस क्लास के दौरान उन्होंने परीक्षा में आने वाले जीव विज्ञान के असली सवालों को छात्रों की पर्सनल नोटबुक में लिखवाया और उनकी टेक्स्टबुक्स के भीतर उन पर टिक मार्क लगवाए ताकि छात्र उन्हें पूरी तरह रट सकें।
प्रश्नपत्र से हूबहू मैच हुए सवाल
केंद्रीय जांच एजेंसी का दावा है कि मनीषा मंडारे द्वारा लीक किए गए और छात्रों को घर पर रटवाए गए अधिकांश प्रश्न 3 मई 2026 को आयोजित की गई वास्तविक नीट-यूजी परीक्षा के प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते थे। इस पुख्ता कड़ी और डिजिटल सबूतों के हाथ लगते ही सीबीआई ने पिछले 24 घंटों में देश भर के कई ठिकानों पर छापेमारी की और मनीषा को दिल्ली से आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया।