बिलासपुर – बिलासपुर के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल सिम्स में स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सीएमपीडीआई के क्षेत्रीय संस्थान-5 ने अपने CSR फंड के तहत अस्पताल को अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड और सीटीजी मशीन उपलब्ध कराई है। इससे मरीजों की जांच और इलाज की व्यवस्था अब पहले से अधिक बेहतर और सटीक हो सकेगी।
कलेक्टर की मौजूदगी में सौंपा गया एमओए
बिलासपुर कलेक्टर डॉ. संजय अग्रवाल की मौजूदगी में मशीनों से संबंधित एमओए की प्रति सिम्स प्रबंधन को सौंपी गई। इस दौरान कलेक्टर ने कहा कि सिम्स में हर दिन दो हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में आधुनिक मशीनों की उपलब्धता से मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर ही बड़े शहरों जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
गंभीर बीमारियों की पहचान होगी आसान
नई अल्ट्रासाउंड मशीन की मदद से कई गंभीर बीमारियों की शुरुआती चरण में पहचान करना आसान होगा। इससे मरीजों का समय पर इलाज शुरू किया जा सकेगा और जांच की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
गर्भवती महिलाओं को मिलेगा विशेष लाभ
अस्पताल में लगाई गई सीटीजी मशीन गर्भवती महिलाओं और गर्भ में पल रहे शिशु की लगातार निगरानी करने में मदद करेगी। खासतौर पर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों में यह मशीन डॉक्टरों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी, जिससे समय रहते इलाज संभव हो सकेगा।
अस्पताल प्रबंधन ने जताई खुशी
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमनेश मूर्ति ने कहा कि नई मशीनों के आने से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार होगा। वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने बताया कि अब जांच प्रक्रिया पहले से ज्यादा तेज और सटीक हो जाएगी।
अधिकारियों और डॉक्टरों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में सीएमपीडीआई और सिम्स के कई वरिष्ठ अधिकारी, डॉक्टर और कर्मचारी मौजूद रहे। इस पहल को बिलासपुर संभाग की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।