रायपुर – शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के बीसीसीआई के अधीन आने के बाद, यहां आयोजित हुए पहले आईपीएल से राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ दोनों को बड़ा आर्थिक लाभ हुआ है। अनुबंध के मुताबिक, प्रति आईपीएल मैच सरकार को 30 लाख रुपए दिए जाने का प्रावधान है। इस तरह रायपुर में हुए दो मैचों के आयोजन से राज्य सरकार के खजाने में सीधे 60 लाख रुपए जुड़ गए हैं। वहीं, इस मेगा इवेंट से छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ को भी लाखों रुपए का मुनाफा हुआ है।
बता दें कि, छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ को लीज पर मिले इस स्टेडियम के लिए राज्य सरकार को सालाना 1.5 करोड़ रुपए चुकाने होते हैं। जनवरी 2026 में हुए टी-20 इंटरनेशनल और अब आईपीएल के दो सफल आयोजनों से क्रिकेट संघ लीज की राशि से कहीं अधिक की कमाई कर चुका है। लगातार मैचों के आयोजन से हुए इस आर्थिक लाभका इस्तेमाल अब स्टेडियम के रेनोवेशन में किया जाएगा। जून में प्रस्तावित छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग के बाद रेनोवेशन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिससे स्टेडियम को और अधिक आधुनिक रूप दिया जा सके।
स्थानीय खिलाड़ियों को मिला प्रोत्साहन
आईपीएल के इन मैचों से छत्तीसगढ़ के स्थानीय क्रिकेटरों को भी आगे बढ़ने का बड़ा प्रोत्साहन मिला है। अभ्यास सत्र के दौरान स्थानीय युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों के सामने बॉलिंग करने का शानदार अवसर मिला। इस अनुभव का सीधा फायदा खिलाड़ियों को आगामी सीसीपीएल में देखने को मिलेगा।
36 कांच के पैनल अब फिर से लगाए जाएंगे
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने रायपुर को अपना ‘होम ग्राउंड’ बनाते हुए इसे खास लुक देने के लिए 1 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए थे। इसमें विशेष लाइटिंग, टावर, रंग-रोगन और शानदार साउंड सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं शामिल थीं। मैच खत्म होने के बाद आरसीबी मैनेजमेंट ने संबंधित एजेंसी के माध्यम से अपनी अस्थाई लाइट और साउंड सिस्टम को वापस निकाल लिया है। इसके अलावा, मैच के दौरान प्लेटिनम स्टैंड से निकाले गए 36 कांच के पैनल अब फिर से लगाए जाएंगे। आरसीबी द्वारा स्टेडियम की कुछ कुर्सियों को बदलने और पेंट कराने का स्थायी लाभ अब सीएससीएस को मिलेगा।