OpenAI ने ChatGPT में एक बड़ा और बेहद खास अपडेट पेश किया है, जो आने वाले समय में लोगों के पैसे मैनेज करने का तरीका बदल सकता है। अब ChatGPT सिर्फ सवालों के जवाब देने वाला AI टूल नहीं रहेगा, बल्कि यह एक पर्सनल फाइनेंस असिस्टेंट की तरह भी काम करेगा। नए फीचर के जरिए यूजर अपने बैंक अकाउंट और फाइनेंस अकाउंट्स को ChatGPT से जोड़ सकेंगे, जिसके बाद AI उनकी कमाई, खर्च, बचत, निवेश और लोन की पूरी जानकारी समझकर स्मार्ट सुझाव देगा।
यह नया Personal Finance Experience फिलहाल अमेरिका में कुछ Pro यूजर्स के लिए शुरू किया गया है। कंपनी का कहना है कि धीरे-धीरे इसे सभी US Pro यूजर्स तक उपलब्ध कराया जाएगा।
नए अपडेट के बाद ChatGPT यूजर की फाइनेंशियल स्थिति को पहले से ज्यादा बेहतर तरीके से समझ पाएगा। यानी अब यूजर को सिर्फ सवाल पूछने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि AI खुद उनकी खर्च करने की आदतों, बचत के पैटर्न और निवेश की स्थिति को देखकर पर्सनलाइज्ड सुझाव देगा।
इस फीचर के साथ एक नया Finance Dashboard भी मिलेगा। इस डैशबोर्ड में यूजर्स को उनकी पूरी आर्थिक स्थिति एक ही जगह दिखाई देगी। इसमें खर्च, बचत, निवेश, EMI, मॉर्गेज और लोन जैसी जानकारियां शामिल होंगी। साथ ही यूजर यह भी देख पाएंगे कि उनका पैसा सबसे ज्यादा कहां खर्च हो रहा है और कहां बचत की जा सकती है।
कंपनी के मुताबिक यह नया सिस्टम फिलहाल 12,000 से ज्यादा बैंक और फाइनेंशियल संस्थानों को सपोर्ट करता है। शुरुआती चरण में यह फीचर Plaid के जरिए काम करेगा और जल्द ही इसमें Intuit का सपोर्ट भी जोड़ा जाएगा।
यूजर्स ChatGPT के “Finances” सेक्शन में जाकर अपने अकाउंट्स कनेक्ट कर सकेंगे। इसके अलावा चैट में “@Finances, connect my accounts” लिखकर भी इस फीचर को एक्टिव किया जा सकेगा।
इस अपडेट के जरिए यूजर्स कई जरूरी काम आसानी से कर पाएंगे। इनमें बजट प्लानिंग, खर्च ट्रैकिंग, निवेश को समझना, टैक्स अनुमान लगाना और फाइनेंशियल गोल सेट करना शामिल है। इतना ही नहीं, ChatGPT जरूरत पड़ने पर टैक्स एक्सपर्ट से अपॉइंटमेंट लेने में भी मदद कर सकता है।
यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी माना जा रहा है जिन्हें हर महीने यह समझ नहीं आता कि उनकी सैलरी आखिर खर्च कहां हो रही है। अब AI उनके पूरे खर्च का विश्लेषण करके आसान भाषा में समझा सकेगा कि कौन-सी आदतें फाइनेंशियल नुकसान पहुंचा रही हैं।
हालांकि बैंक अकाउंट कनेक्ट करने वाले इस फीचर के साथ सबसे बड़ा सवाल डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर उठ रहा है। इस पर OpenAI का कहना है कि यूजर अपने अकाउंट्स को कभी भी डिस्कनेक्ट कर सकेंगे और उनके पास डेटा पर पूरा कंट्रोल रहेगा।
कंपनी के अनुसार यूजर चाहें तो कनेक्टेड डेटा को 30 दिनों के भीतर हटवा सकते हैं। इसके अलावा चैट हिस्ट्री से फाइनेंस डेटा डिलीट करने और फाइनेंशियल मेमोरी कंट्रोल करने का विकल्प भी मिलेगा।
इस नए फाइनेंस एक्सपीरियंस को GPT-5.5 Thinking मॉडल पावर करेगा। कंपनी का दावा है कि इससे ChatGPT पहले से ज्यादा स्मार्ट और संदर्भ आधारित जवाब दे पाएगा।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यह अपडेट AI की दुनिया में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अब तक लोग ChatGPT का इस्तेमाल कंटेंट लिखने, सवाल पूछने और जानकारी लेने के लिए करते थे, लेकिन अब यह सीधे लोगों की पर्सनल फाइनेंस लाइफ का हिस्सा बन सकता है।
अगर यह फीचर सफल होता है, तो आने वाले समय में बजट मैनेजमेंट, निवेश सलाह और खर्च ट्रैकिंग के लिए AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ सकता है।