देशभर में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीज़ल के दामों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी। खास बात यह है कि बीते 5 दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले भी तेल कंपनियां करीब 3 रुपये प्रति लीटर तक कीमतें बढ़ा चुकी हैं। लगातार बढ़ रहे ईंधन के दामों का असर अब सीधे आम आदमी की जेब और रोजमर्रा की जरूरतों पर दिखाई देने लगा है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल अब 98 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। नई दरों के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीज़ल 91.58 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। लगातार हो रही बढ़ोतरी से वाहन चालकों के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी चिंता बढ़ गई है।
देश के अन्य बड़े महानगरों में भी ईंधन के दाम तेजी से बढ़े हैं। मुंबई में पेट्रोल 107.59 रुपये और डीज़ल 94.08 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं कोलकाता में पेट्रोल सबसे महंगा होकर 109.70 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया, जबकि डीज़ल 96.07 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। चेन्नई में भी पेट्रोल 104.49 रुपये और डीज़ल 96.11 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी मानी जा रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल के कारण भारतीय तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। अगर यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले दिनों में ईंधन और महंगा हो सकता है।
ईंधन की कीमतें बढ़ने का असर सिर्फ वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहता। डीज़ल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ती है, जिसका सीधा असर सब्जियों, फल, राशन और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर पड़ता है। ऐसे में आने वाले समय में महंगाई और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रक, टैक्सी और ऑटो यूनियनों ने लगातार बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई है। कई परिवहन संगठनों ने सरकार से एक्साइज ड्यूटी और वैट में राहत देने की मांग की है, ताकि आम लोगों को कुछ राहत मिल सके।
जानकारों का कहना है कि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर देश में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों पर पड़ता है।