G. Kishan Reddy राजस्थान दौरे के दौरान Hindustan Zinc के राजपुरा दरीबा कॉम्प्लेक्स पहुंचे, जहां उन्होंने हाईटेक माइनिंग सिस्टम और देश की पहली महिला माइन रेस्क्यू टीम का लाइव प्रदर्शन देखा। महिला टीम का साहस और तकनीकी दक्षता देखकर केंद्रीय खान मंत्री काफी प्रभावित नजर आए।
Rajpura Dariba कॉम्प्लेक्स दुनिया की प्रमुख जिंक और चांदी खदानों में गिना जाता है। दौरे के दौरान मंत्री ने वीआईपी प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए सीधे खदान में काम करने वाले मजदूरों और इंजीनियरों के बीच पहुंचकर बातचीत की।
इस दौरे का सबसे खास आकर्षण देश की पहली महिला माइनिंग रेस्क्यू टीम रही। टीम ने कठिन सुरंगों और आपातकालीन परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन का लाइव डेमो दिया। महिलाओं का आत्मविश्वास और जोखिम भरे माहौल में उनकी तैयारी देखकर केंद्रीय मंत्री ने उनकी जमकर सराहना की।
मंत्री ने कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया, जहां से रिमोट आधारित मशीनों और अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए खदान संचालन किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की आधुनिक तकनीक भारत की खनन क्षमता को नई ऊंचाई दे रही है।
हिंदुस्तान जिंक की यह खदान देश के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। कंपनी हर साल 1.1 मिलियन टन से ज्यादा मेटल उत्पादन करती है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह उत्पादन क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन और भविष्य के औद्योगिक विकास के लिए बेहद अहम है।
दौरे के दौरान सबसे भावुक और सादगी भरा दृश्य तब सामने आया जब केंद्रीय मंत्री मजदूरों की कैंटीन में पहुंचे और 54 “जिंक रत्न” कर्मचारियों तथा महिला इंजीनियरों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया। उन्होंने कर्मचारियों से खुलकर बातचीत की और देश की प्रगति में उनके योगदान की सराहना की।
इस मौके पर हिंदुस्तान जिंक के सीईओ Arun Misra भी मौजूद रहे। पूरे दौरे को भारत के खनन क्षेत्र में तकनीकी बदलाव, महिला सशक्तिकरण और आधुनिक औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है।