देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है, जिसके कारण हीटस्ट्रोक यानी लू लगने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। तेज धूप और गर्म हवाओं की वजह से लोगों की तबीयत बिगड़ रही है और कई मरीजों को अस्पताल में भर्ती तक कराना पड़ रहा है।
राजधानी दिल्ली समेत कई शहरों में हालात गंभीर बने हुए हैं। जानकारी के मुताबिक Dr. Ram Manohar Lohia Hospital में इस सीजन का पहला हीटस्ट्रोक केस दर्ज किया गया। बताया गया कि पश्चिम बंगाल का 24 वर्षीय युवक ट्रेन से दिल्ली आ रहा था, तभी तेज गर्मी के कारण उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
विशेषज्ञों के अनुसार लगातार तेज धूप में रहने, शरीर में पानी की कमी होने और अधिक गर्मी के संपर्क में आने से हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है।
हीटस्ट्रोक के कई गंभीर लक्षण सामने आते हैं। इसमें शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाना, सिर में तेज दर्द, चक्कर आना, घबराहट महसूस होना और जी मिचलाना शामिल है। कई लोगों को तेज बुखार, त्वचा का गर्म और रूखा होना, शरीर में जकड़न और अत्यधिक कमजोरी महसूस होती है।
इसके अलावा सांस और नाड़ी की गति तेज हो सकती है। कुछ मामलों में व्यक्ति को अधिक पसीना आने लगता है, जबकि कई बार बेहोशी जैसी स्थिति भी बन जाती है। डॉक्टरों के मुताबिक हीटस्ट्रोक का असर दिमाग, किडनी और दिल की कार्यक्षमता पर भी पड़ सकता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि शरीर में पानी की कमी होने पर डिहाइड्रेशन तेजी से बढ़ता है, जिससे डायरिया, उल्टी और पेचिश जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। गंभीर स्थिति में सिर में अत्यधिक गर्मी चढ़ने से जान का खतरा भी पैदा हो सकता है।
ऐसे मौसम में खुद को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी माना जा रहा है। डॉक्टरों की सलाह है कि दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। नींबू पानी, नारियल पानी, बेल का शरबत, आम पन्ना, छाछ और ORS जैसे तरल पदार्थ शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।
दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच तेज धूप में निकलने से बचना चाहिए। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को सूती कपड़े, टोपी या स्कार्फ से ढकना चाहिए। साथ ही छाता और सनग्लास का इस्तेमाल भी फायदेमंद माना जाता है।
हल्के और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे शरीर को ठंडक मिलती है। घर से बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना भी जरूरी है ताकि त्वचा को धूप से बचाया जा सके।
खानपान में भी सावधानी जरूरी है। गर्मी के मौसम में तरबूज, खरबूजा, खीरा, संतरा, ककड़ी और दही जैसी चीजें खाने की सलाह दी जाती है। वहीं ज्यादा तली-भुनी और मसालेदार चीजों से दूरी बनाकर रखना बेहतर माना जाता है।
विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि कच्चा प्याज लू से बचाव में काफी असरदार माना जाता है। इसके अलावा गीला रुमाल गर्दन या माथे पर रखने से शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
भीषण गर्मी के इस दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में समय रहते सावधानी बरतना और शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है।