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AI से डिजिटल गांव तक… योगी सरकार का मेगा प्लान तैयार, उत्तर प्रदेश को टेक्नोलॉजी और उद्योग की सुपरपावर बनाने की तैयारी

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Yogi Adityanath ने उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी डिजिटल और औद्योगिक ताकत बनाने के लिए बड़ा विजन तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने “AI से डिजिटल गांव तक” की महत्वाकांक्षी रणनीति पर अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की, जिसमें डेटा सेंटर क्लस्टर, प्रोजेक्ट गंगा और नई गेहूं प्रसंस्करण नीति जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर चर्चा हुई।

सरकार का लक्ष्य सिर्फ तकनीकी विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, युवाओं और महिलाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना और वर्ष 2040 तक उत्तर प्रदेश को 5 लाख करोड़ डॉलर की विशाल अर्थव्यवस्था में बदलना है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को भारत और ग्लोबल साउथ का सबसे बड़ा AI कंप्यूट पावर सेंटर बनाने की दिशा में काम तेज करने के निर्देश दिए। इसके तहत Bundelkhand Industrial Development Authority यानी BIDA क्षेत्र से “AI कॉरिडोर” विकसित करने की योजना बनाई गई है।

इस AI कॉरिडोर के तहत बड़ी आईटी और टेक कंपनियों को रियायती दरों पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उत्तर प्रदेश देश का प्रमुख टेक्नोलॉजी हब बन सके। इसके साथ ही राजधानी Lucknow को एक ग्लोबल “AI City” के रूप में विकसित करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

सरकार का मानना है कि इससे देश और विदेश की बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियां सीधे उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित होंगी और बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए योगी सरकार ने “रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना” को भी तेजी से आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्राओं को मुफ्त इलेक्ट्रिक स्कूटी देने के लिए 400 करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

सरकार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्कूटी वितरण की पूरी प्रक्रिया डिजिटल, पारदर्शी और त्रुटिहीन होनी चाहिए ताकि पात्र छात्राओं को बिना किसी देरी के लाभ मिल सके।

ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और डिजिटल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए “प्रोजेक्ट गंगा” की रूपरेखा भी तैयार की गई है। इस योजना के जरिए गांवों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट, डिजिटल शिक्षा, टेलीमेडिसिन और ई-गवर्नेंस सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार का दावा है कि इस योजना के तहत करीब 10 हजार युवाओं को डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर के रूप में रोजगार मिलेगा। वहीं प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 2 लाख रोजगार अवसर तैयार होने की संभावना जताई गई है।

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी स्पष्ट किया कि जून के पहले सप्ताह से वह खुद मंडलीय दौरे शुरू करेंगे। इस दौरान वह सड़कों, जल जीवन मिशन, स्मार्ट सिटी और अन्य विकास योजनाओं की जमीनी समीक्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और अधिकारियों को चेतावनी दी कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खराब काम या देरी करने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

योगी सरकार की यह नई रणनीति उत्तर प्रदेश को डिजिटल, तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र में देश के सबसे बड़े राज्यों में शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

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