गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान के साथ CNG कारों से जुड़े हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। हर साल गर्मियों में कारों में आग लगने और गैस लीकेज जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं। हालांकि CNG गाड़ियां पेट्रोल और डीजल की तुलना में ज्यादा किफायती मानी जाती हैं, लेकिन सही देखभाल और सावधानी न बरतने पर ये खतरनाक भी साबित हो सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार तेज गर्मी में CNG सिलेंडर और गैस सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर बड़े हादसों से बचा जा सकता है।
गर्मियों में सबसे बड़ी गलती CNG टैंक को पूरी तरह फुल कराना मानी जाती है। तापमान बढ़ने पर गैस फैलती है और अगर सिलेंडर में अतिरिक्त जगह नहीं बचती तो अंदर का प्रेशर बढ़ सकता है। इससे गैस लीकेज या गंभीर दुर्घटना का खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए हमेशा सलाह दी जाती है कि टैंक में थोड़ी जगह खाली छोड़ी जाए।
लोकल या सस्ती CNG किट लगवाना भी जोखिम भरा साबित हो सकता है। अनऑथराइज्ड फिटिंग और खराब क्वालिटी के कनेक्शन गर्मी में जल्दी खराब हो सकते हैं और आग लगने की संभावना बढ़ा सकते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा कंपनी फिटेड CNG वाहन खरीदें या अधिकृत सेंटर से ही CNG किट इंस्टॉल करवाएं।
CNG सिलेंडर की समय-समय पर जांच भी बेहद जरूरी मानी जाती है। नियमों के मुताबिक हर तीन साल में हाइड्रो टेस्टिंग कराना अनिवार्य होता है। इस टेस्ट से यह सुनिश्चित किया जाता है कि सिलेंडर सुरक्षित स्थिति में है या नहीं। समय पर टेस्टिंग नहीं कराने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
गर्मी में कार पार्क करने की जगह का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। लंबे समय तक सीधे धूप में खड़ी CNG कार के अंदर तापमान तेजी से बढ़ जाता है, जिससे गैस सिस्टम पर दबाव बढ़ सकता है। इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि वाहन हमेशा छांव या शेड में पार्क किया जाए।
अगर कार के अंदर गैस की हल्की सी भी गंध महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत गाड़ी रोककर इंजन बंद कर देना चाहिए और सभी यात्रियों को बाहर निकाल देना चाहिए। खिड़कियां खोलकर गैस को बाहर निकलने देना जरूरी होता है। बिना जांच करवाए दोबारा वाहन स्टार्ट करना खतरनाक साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और नियमित मेंटेनेंस से गर्मियों में भी CNG कारों को पूरी तरह सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। सुरक्षित ड्राइविंग और समय पर जांच ही बड़े हादसों से बचाव का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है।