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डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी इवांका की हत्या की कोशिश: ‘IRGC’ से ट्रेनिंग पाकर आतंकी ने बनाया था प्लान!

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी बेटी इवांका ट्रंप की निर्मम हत्या करने की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी तरह नाकाम कर दिया है। ‘द पोस्ट’ अखबार को मिली आधिकारिक जानकारियों के मुताबिक, ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) से विशेष आतंकी ट्रेनिंग प्राप्त एक इराकी नागरिक ने इवांका ट्रंप की जान लेने का पूरा फुलप्रूफ प्लान तैयार कर लिया था। हालांकि, समय रहते सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी से इस खौफनाक साजिश का भंडाफोड़ हो गया और मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।

​इराकी नागरिक मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी के रूप में हुई पहचान 
इवांका ट्रंप की हत्या का प्लान बना रहे गिरफ्तार किए गए खतरनाक आतंकी की पहचान 32 वर्षीय मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी के तौर पर हुई है, जो मूल रूप से इराक का नागरिक बताया जा रहा है। जांच के दौरान अमेरिकी सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों को अल-सादी के पास से फ्लोरिडा में मौजूद इवांका ट्रंप के आलीशान घर का पूरा का पूरा इनसाइड लेआउट और ब्लूप्रिंट बरामद हुआ है।

खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी काफी लंबे समय से अमेरिकी धरती पर छिपकर इवांका के घर और उनकी सुरक्षा व्यवस्था की बकायदा रेकी कर रहा था।

​मारे गए ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेना था मकसद 
खुफिया पूछताछ में इस खौफनाक साजिश के पीछे का जो कारण सामने आया है, वह बेहद चौंकाने वाला है। दरअसल, लगभग 6 साल पहले बगदाद में डोनाल्ड ट्रंप के कड़े आदेश पर अमेरिकी सेना ने एक बड़ा ड्रोन हमला और मिलिट्री ऑपरेशन चलाकर ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराया था।

आरोपी अल-सादी इस हमले में मारे गए सुलेमानी को अपना राजनीतिक और आध्यात्मिक गुरु मानता था। सुलेमानी की मौत के बाद से ही वह लगातार प्रतिशोध की आग में जल रहा था और ट्रंप परिवार को पूरी तरह तबाह करने व अमेरिका से बदला लेने की फिराक में नए-नए नेटवर्क तैयार कर रहा था।

​’हमें इवांका ट्रंप को मारना होगा’ 
​इस सनसनीखेज मामले के तार डिप्लोमैटिक हलकों से भी जुड़ते दिख रहे हैं। वाशिंगटन में इराकी दूतावास के पूर्व डिप्टी मिलिट्री अटैची एंतिफाध कनबर ने इस पकड़े गए आतंकी के इरादों के बारे में मीडिया के सामने एक बड़ा बयान साझा किया है। उन्होंने बताया कि जनरल कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद से ही अल-सादी अपने चरमपंथी ग्रुप और लोगों के बीच लगातार यह कहता फिर रहा था कि “डोनाल्ड ट्रंप से बदला लेने के लिए हमें उनकी सबसे प्रिय बेटी इवांका ट्रंप को मारना होगा।”

इस कसम को पूरा करने के लिए उसने बकायदा आईआरजीसी के आकाओं से फंडिंग और हथियार जुटाने का सौदा भी तय कर लिया था। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद व्हाइट हाउस और ट्रंप परिवार की सुरक्षा को वैश्विक स्तर पर और ज्यादा कड़ा व अचूक कर दिया गया है।

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